रिपोर्ट फणीन्द्र कुमार मिश्र
सिसवा बाजार महराजगंज
भारत के पूर्व महामहिम सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के जन्म दिन को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं क्योंकि भारत के विभिन्न पदों पर आसीन रहने के बाद सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन जी को शिक्षक का गरिमामई पद सबसे अधिक कर्तव्यनिष्ठ,गरिमामयी व उदार लगा था। हमारे देश में शिक्षक और गुरू को भगवान के बराबर दर्जा दिया जाता है क्योकि शिक्षक से मिले ज्ञान के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।
शिक्षक विद्यार्थियों के जिंदगी का वो शख्स होता है जो उनके जिंदगी को एक उद्देश्यपूर्ण दिशा देता है। आज आपने भले ही अपनी शिक्षा पूरी कर ली हो या शिक्षा ले रहें हैं, 5 सितंबर को उन्हें याद जरूर करते होंगे। गुरु-शिष्य का रिश्ता भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और पवित्र हिस्सा है। जीवन में माता-पिता की जगह कोई और व्यक्ति नहीं ले सकता क्योंकि वे हमें इस रंगीन दुनिया में लाते हैं क्योकि ऐसा माना जाता है कि हमारे शुरुआती जीवन के पहले शिक्षक हमारे माता-पिता ही होते हैं। भारत में गुरु और शिक्षक की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है, लेकिन केवल शिक्षक ही हमें जीने के वास्तविक ढंग को सिखाते हैं। जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरुरी है। शिक्षक देश के भविष्य और युवाओं के जीवन को बनाने और उसे आकार देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। प्राचीन काल से ही गुरु का हमारे जीवन में बड़ा योगदान रहा है तथा गुरुओं से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन से ही हम सफलता के शिखर तक पहुँच सकते है। शिक्षक दिवस एक ऐसा मौका है जिसकी छात्रों व शिक्षकों दोनों को ही इंतजार रहता है इस दिन शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है। इसी दिन छात्रों को यह समझने का मौका मिलता है कि शिक्षक उनके जीवन में कितने महत्वपूर्ण है। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि के सच्चे प्रतिरूप है एवं वे छात्रों को जागरूकता और शिक्षा के द्वारा जीवन जीने के सही तरीके बताते हैं तथा साथ ही साथ वे हमारे जीवन के प्रकाश स्रोत है यही नही हमारे सफलता के पीछे हमारे शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है क्योकि वे हमें हमारे ज्ञान, कौशल स्तर व आत्मविश्वास में वृद्धि करने के लिए एवं सफलता प्राप्त करने हेतु सही रास्ता चुनने में हमारी मदद करते हैं। अतः प्रत्येक्ष छात्र का यह परम कर्तव्य है कि शिक्षकों की इस बहुमूल्य योगदान के लिए साल में कम से कम एक दिन उनका धन्यवाद अवश्य करें।