मवई, अयोध्या
अमापड़, अयोध्या ब्लॉक। मवई ब्लॉक की ग्राम पंचायत सण्डवा के एक छोटे से गांव की बेटी सबीना खातून आज मेहनत, लगन और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। कठिन परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रदेश की बेटियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
एक समय था जब शिक्षा की सुविधा दूर-दूर तक नहीं थी। बेटियों को पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, लेकिन सबीना ने हार नहीं मानी। पास के गांव से पढ़ाई कर उन्होंने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और फिर ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य किया, लेकिन आत्मसंतोष न मिलने पर उन्होंने गांव में महिला समूह का गठन कर हज़ारों महिलाओं को रोजगार से जोड़ा।
प्रगतिशील महिला कृषक और ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में पहचान
सबीना खातून ने कृषि के क्षेत्र में भी कदम रखा और मेहनत से प्रगतिशील महिला कृषक का खिताब प्राप्त किया। कोरोना काल में उन्होंने हजारों मास्क बनाकर जरूरतमंदों को निशुल्क वितरित किया। आज वह ‘ड्रोन दीदी’ और समाजसेविका के रूप में जानी जाती हैं।
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें प्रगतिशील महिला कृषक के रूप में सम्मानित किया। यह सम्मान सिर्फ सबीना के लिए नहीं, बल्कि पूरी अयोध्या और रुदौली विधानसभा की बेटियों के लिए गर्व की बात है।
नई पीढ़ी को संदेश
तीसरा विकल्प न्यूज़ से खास बातचीत में सबीना खातून ने कहा, “मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद है। मैं चाहती हूं कि युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य को पहचान कर पूरी लगन से उसकी ओर बढ़े। बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। दृढ़ इच्छा शक्ति और मेहनत ही सफलता की सच्ची कुंजी है।”