रिपोर्ट: मोहित गुप्ता
श्रावस्ती।
श्रावस्ती जनपद मुख्यालय भिनगा में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक दुकानों और मकानों पर बुलडोज़र चला दिया। यह कार्रवाई PWD की जमीन पर दशकों से बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए की गई। सुबह से ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची और 8 बुलडोज़र व एक पोकलैंड मशीन लगाकर ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई से हड़कंप
कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में खौफ और हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने प्रशासन की सख्ती देखते हुए देर रात ही अपने मकान और दुकानें खाली कर दी थीं। वहीं, जिन लोगों ने कब्जा खाली नहीं किया था, उनके मकानों व दुकानों को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया।
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया गया ताकि कोई भी अव्यवस्था न हो सके।
नोटिस देने के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण
प्रशासन ने पहले ही 4 और 5 अगस्त को अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करते हुए अपने कब्जे खाली करने व दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। लेकिन दुकानदारों ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोज़र कार्रवाई शुरू की।
ईदगाह तिराहे के पास हुआ ध्वस्तीकरण
यह कार्रवाई मुख्य रूप से ईदगाह तिराहे के पास की गई, जहां लंबे समय से अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम और जनहित की समस्याएँ बनी हुई थीं। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि जनहित सर्वोपरि है और अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के चलते करोड़ों रुपए की संपत्तियाँ प्रभावित हुईं। कई दुकानदार मजबूरी में खुद ही अपने निर्माण तोड़ने लगे।
DM अजय कुमार द्विवेदी का बयान
श्रावस्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा:
“कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन किसी ने भी अवैध कब्जा नहीं हटाया। जिसके चलते आज 85 मीटर के दायरे में आने वाली 20 से अधिक दुकानों और मकानों की ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा रही है।”
डीएम ने यह भी कहा कि जिनके मकान ध्वस्त किए गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या आशियाना योजना के तहत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
लोगों में नाराज़गी और समर्थन
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने नाराज़गी जताई और कहा कि अचानक बुलडोज़र चलाना गरीबों के साथ अन्याय है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों और यातायात विभाग ने राहत की सांस ली, क्योंकि लंबे समय से सड़क पर जाम और अव्यवस्था की शिकायत मिल रही थी।
सामाजिक व राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे दुकानदारों को समय और विकल्प दिए बिना अचानक तोड़फोड़ करना गलत है। वहीं, समर्थक पक्ष का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और जनहित की समस्याओं को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।