बलिया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बलिया जिले के नागा जी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जीराबस्ती में मंगलवार को श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने भाई-बहन अपने माता-पिता के साथ पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सजकर मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। (Focus Keyword: श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता बलिया)
नन्हे-मुन्नों ने जीता दिल
प्रतियोगिता में बच्चों ने बाल कृष्ण, माखन चोर और गोकुल नंदलाल के विभिन्न रूप धारण किए। पीतांबर वस्त्र, मोरपंख मुकुट और बांसुरी के साथ मंच पर आए नन्हे-मुन्नों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यालय प्रांगण में “कृष्ण-कृष्ण” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का संचालन और अतिथि
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम शरण मिश्र ने मुख्य अतिथि श्रीमती भारती सिंह एवं अध्यक्ष नीतू गुप्ता का स्वागत किया और उनका परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र अत्यंत प्रेरणादायी है। गीता का ज्ञान आज भी जीवन की समस्याओं का समाधान देता है।
प्रधानाचार्य ने आगे कहा –
“हमें श्रीकृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर अशांत मानव को गीता रहस्य फिर से समझाना होगा।”
संयोजक और आयोजन की व्यवस्था
कार्यक्रम की प्रमुख संयोजक रश्मि पाल रहीं, जिन्होंने पूरी प्रतियोगिता का सफल संचालन और संयोजन किया। विद्यालय परिवार और शिक्षकों ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और विजेताओं को सम्मानित किया।
प्रतियोगिता का महत्व
विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसी प्रतियोगिताएँ बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों के प्रति आस्था पैदा करती हैं। खासकर श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप बच्चों को अनुशासन, प्रेम और कर्तव्यपथ पर चलने की प्रेरणा देता है।
ग्रामीण और अभिभावकों की भागीदारी
ग्रामीणों और अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। माता-पिता ने भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और धार्मिक-सांस्कृतिक ज्ञान भी विकसित होता है।