मुदस्सिर हुसैन IBN NEWS | मवई, अयोध्या
“एकजुट समाज की नींव सशक्त रिश्तों से ही रखी जा सकती है” — यही भावपूर्ण संदेश दिया समाजसेवी मास्टर उजैर अहमद ने, जब वे समाज में रिश्तों की गिरती अहमियत पर अपने विचार साझा कर रहे थे।
🔶 रिश्तों की मजबूती समय, समझ और संवेदना से
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में भले ही भौतिक तरक्की के कई मुकाम हासिल किए जा रहे हों, परंतु पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों की डोर लगातार कमजोर हो रही है। मास्टर उजैर अहमद ने कहा:
“रिश्तों की अहमियत को जब समझा जाता है, तभी वे सच्चे अर्थों में मजबूत बनते हैं। आज आवश्यकता है कि हर इंसान अपने रिश्तों को केवल निभाए नहीं, बल्कि उन्हें पूरी सच्चाई और संवेदना के साथ समझे और सींचे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आत्मकेंद्रितता और संवादहीनता के इस दौर में लोगों को फिर से जुड़ने और रिश्तों को नया जीवन देने की आवश्यकता है।
✅ मास्टर उजैर अहमद के सुझाव – रिश्तों को बनाएं सशक्त
१. समय और सम्मान दें
हर रिश्ता तभी फलता-फूलता है जब उसमें समय और आपसी सम्मान शामिल होता है।
२. संवाद बनाए रखें
चुप्पी से रिश्ते सूखते हैं, इसलिए लगातार संवाद करते रहें।
३. किसी की उपस्थिति को हल्के में न लें
हर व्यक्ति और रिश्ता अनमोल होता है, उसकी कद्र करें।
४. रिश्ते खून से नहीं, भावनाओं से टिकते हैं
सच्चे रिश्तों की नींव भावनाओं पर आधारित होती है, केवल खून के संबंध काफी नहीं।
🌿 समाज के लिए संदेश
मास्टर उजैर अहमद ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अपने परिवार, मित्रों और समुदाय के साथ जुड़ाव बनाए रखें और रिश्तों में गहराई लाएं। उनका मानना है कि:
“एकजुट समाज की नींव तभी रखी जा सकती है, जब हर व्यक्ति अपने रिश्तों की अहमियत समझे और उन्हें मजबूत बनाने की दिशा में पहल करे।”