रिपोर्ट ब्यूरो
गोरखपुर । बड़हलगंज ब्लाक के खड़ेसरी स्थित शहीद राजा हरिप्रसाद मल्ल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में पर्ची की अधिक फीस लेने पर जहां मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगाते हुए विरोध जताया। वहीं कर्मियों ने इसे झूठा बताते हुए प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए। शुक्रवार को मेडिकल कालेज में कोविड वैक्सिन लग रहा था।वैक्सिन लगवाने पहुंचे खड़ेसरी गांव के मुक्तेश्वर तिवारी, सत्यनारायण की मड़ई के रामबृक्ष यादव,बैरियाखास के कमलेश तिवारी, बेलवादाखिली के अनिरूद्ध यादव, खड़ेसरी की देवंती देवी, संगीता तिवारी सहित अन्य लोगों का आरोप था कि स्वास्थ्य कर्मी पर्ची फीस एक रूपये की जगह दस रूपये ले रहे हैं। इस बात को लेकर विवाद हो गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे झूठा बताते हुए प्राचार्य पर मिली भगत करने तथा प्राचार्य द्वारा बात-बात पर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। वहीं प्राचार्य प्रो. डा. अनिल सिंह ने आरोप लगे दो कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही। चिकित्सकों ने लगाए आरोप : मेडिकल कालेज के चिकित्सक डा. संतोष कुमार सिंह, डा. पवन कुमार शाही, डा. केके सिंह, डा. विनोद उपाध्याय, डा. अनीश कुरैशी, डा. आनंद श्रीवास्तव, डा. माला सिंह, सहित अन्य लोगों का कहना है कि ओपीडी कक्षों का स्थिति काफी खराब है। गंदगी से पूरा कमरा पटा है। शौचालयों से बदबू आ रही है। फर्नीचर के अभाव के कारण मरीज देख पाना संभव नहीं हो रहा है। प्राचार्य किसी बात को सुनने को तैयार नहीं है। कोविड सेंटर घोषित होने के बाद भी बचाव के कोई उपाय नहीं है। जिससे हम सुरक्षित रह सके। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ के शत्रुघन सिंह, विकास सिंह, अमन पांडेय, आशीष पांडेय, कौशल सिंह, गुडमल प्रजापति, ममता यादव, अनूप, रिंकी सहित अन्य लोगों का कहना है कि हम लोगों को दस महीने से सेलरी नहीं मिल रहा रही। प्राचार्य डबल शिफ्ट में ड्यूटी कराने के साथ ही हम लोगों से नीजी कार्य भी करवाते हैं तथा मना करने पर बार-बार बाहर निकाल देने की धमकी देते रहते हैं। कर्मियों ने डा. आलिया तनवीर को डीएम एवं सीमओ के नाम पत्रक देकर जांच की मांग की। वहीं प्राचार्य डा. अनिल सिंह ने कहा कि ओपीडी आज से शुरू हुआ है। व्यवस्था कराई जा रही है। वेतन कंपनी द्वारा रूका है।लाकडाऊन खत्म होते ही कुछ कागजी कार्रवाई के बाद मिल जाएगा। बाकी आरोप निराधार है।