रिपोर्ट ब्यूरो गोरखपुर
गोरखपुर। कोविड-19 महामारी के दौरान सीआरसी गोरखपुर ऑनलाइन माध्यम से अपने अभिभावकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनेक प्रकार के जन जागरूकता के कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहा है। इसी क्रम में आज अभिभावक संगोष्ठी की ई-परामर्श श्रृंखला 166 का आयोजन किया गया। विशेष शिक्षा रोजगार तथा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित यह अभिभावक संगोष्ठी पीजीएसएस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में पीजीएसएस के डॉ शशि शेखर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए हम लोगों ने अभिभावकों के साथ मिलकर काम किया तथा उनके अनुरूप रणनीतियां बनाई। सीआरसी गोरखपुर के विशेष शिक्षा विभाग के सहायक अध्यापक श्री नीरज मधुकर ने कहा कि आज विशेष शिक्षा में दिव्यांग जनों के लिए अनेक प्रकार के रोजगार के अवसर उपलब्ध है। आवश्यकता है कि उनको उचित ट्रेड में प्रशिक्षण देकर उन्हें काम में लगाया जाए। इसी क्रम में सीआरसी गोरखपुर के पुनर्वास अधिकारी श्री राजेश कुमार यादव ने बताया कि जहां दिव्यांग जनों के लिए ओपन और शेल्टर्ड रोजगार के अवसर उपलब्ध है, वही उनको छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिए सरकार की तरफ से रेड कर्ज भी उपलब्ध कराया जाता है जिससे दिव्यांग जनों को प्रशिक्षित करके उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सकता है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सीआरसी गोरखपुर के लिए रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार ने कहा कि दिव्यांग जनों हेतु रोजगार रोजगार परक शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए सीआरसी ने इस संगोष्ठी का आयोजन किया है। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक में अरविंद कुमार पांडे ने किया। प्रश्नोत्तर काल का संचालन श्री नागेन्द्र पांडे ने किया। इस कार्यक्रम में श्री राजेश कुमार सहायक प्राध्यापक, नैदानिक मनोविज्ञान विभाग ने भी अपना सहयोग दिया। श्री रॉबिन ने सब के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।