फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:स्ट्रोक के मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने विश्व स्ट्रोक दिवस पर जीवनरेखा नामक डेडिकेटेड स्ट्रोक हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की है।
इसके माध्यम से स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर मरीज के परिजन 96670 69999 मोबाइल नंबर पर विशेषज्ञों से संपर्क कर जरूरी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस की मदद से मरीज को स्ट्रोक इमरजेंसी तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
अस्पताल सीएमडी डॉ.युवराज कुमार ने कहा कि स्ट्रोक के मरीजों के लिए समय पर इलाज और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। डेडिकेटेड स्ट्रोक हेल्पलाइन शुरू करने का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को आपात स्थिति में जल्द विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराना है।
वहीं अस्पताल नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ.जितेंद्र कुमार ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर स्ट्रोक के उन मरीजों को सबसे अधिक लाभ होगा जो किन्हीं कारणों से अस्पताल नहीं पहुंच पाते है उन्हें बस एक फोन पर मदद मिल सकेगी।
अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ.रोहित गुप्ता ने बताया कि स्ट्रोक में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। चेहरे का अचानक टेढ़ा होना,हाथ या पैर में कमजोरी अथवा सुन्नपन और बोलने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
ऐसे संकेत दिखाई देने पर मरीज को घरेलू उपचार के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सही समय पर स्ट्रोक-रेडी अस्पताल पहुंचने से इलाज जल्द शुरू करने और मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ.गुप्ता ने कहा कि कई बार परिजन स्ट्रोक में शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है। हेल्पलाइन के जरिए लोगों को सही समय पर मार्गदर्शन देने और स्ट्रोक इमरजेंसी सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ.संदीप घोष ने बताया कि अस्पताल में स्ट्रोक के मरीजों के त्वरित उपचार के लिए ‘कोड फास्ट’ प्रोटोकॉल अपनाया जाता है। इसके तहत इमरजेंसी,न्यूरोलॉजी,रेडियोलॉजी,क्रिटिकल केयर और न्यूरो इंटरवेंशन की टीमें समन्वय से काम करती हैं। अस्पताल में न्यूरो कैथ लैब,डीएसए और एडवांस्ड न्यूरो इमेजिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पात्र मरीजों को थ्रोम्बोलाइसिस और मैकेनिकल थ्रॉम्बेक्टॉमी जैसी आधुनिक उपचार सुविधाएं भी दी जाती हैं। न्यूरोलॉजी विभाग की डॉ.मेघा शारदा ने कहा है स्ट्रोक किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।
चेहरे का टेढ़ा होना,हाथ में कमजोरी और बोलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखने पर इंतजार न करें,तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
➡️फास्ट से पहचानें स्ट्रोक के लक्षण।
(1)एफ (फेस):चेहरा अचानक एक तरफ झुकना।
(2)ए (आर्म):एक हाथ में अचानक कमजोरी या सुन्नपन।
(3)एस (स्पीच):बोलने में परेशानी या आवाज लड़खड़ाना।
(4)टी (टाइम):समय न गंवाएं, तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
➡️हेल्पलाइन नंबर-:96670 69999