फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में स्टाल नम्बर 321 से 325 तक भारत सरकार की खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमिशन (केवीआईसी) द्वारा सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) स्टालें लगाई गई है। यह स्टालें खादी ग्रामोद्योग 24 रीगल बिल्डिंग कनॉट प्लेस दिल्ली कार्यालय द्वारा लगाई गई है। इस स्टाल पर 50 हजार रूपये की धनराशि से अधिक रूपये के सामान की बिक्री प्रतिदिन मेले में हो रही है।
आपको बता दें भारत सरकार द्वारा आजादी के अमृत महोत्स के तहत ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को बढावा देने के लिए खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से बेराजगार लोगों को उनके कौशल की ट्रेनिंग देकर बैंक द्वारा सस्ती ब्याज दर पर ऋण भी दिलवाया जाता है और ग्रामीण क्षेत्र में ऋण पर 35 प्रतिशत की धनराशि की सबसिडी भी दी जाती है। तैयार माल को भी खादी ग्रमोद्योग द्वारा ही खरीदा जाता है। माल तैयार करने वाले व्यक्ति को सामान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती। देश में लगभग 04 हजार ईकाईयां इस योजना के तहत कार्यरत है। इनमें लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। खादी ग्रामोद्योग की स्टाल पर रेडिमेड क्षेत्र में शर्ट, कुर्ता-पायजामा,खेस,लूंगी, मास्क,रूमाल,धोती,गमछा, तोलिया,जैकेट,गर्म शाल लेडिज कुर्ता सहित कई प्रकार का कपड़े का रेडिमेड तैयार किया जाता है।
लेदर के बैग,पर्स,लेडिज बैग हैंडिक्राफ्ट में पीतल और मारबल की मूर्तिया भी बनाई जाती है। खाने की आईटम में पापड़,भुना हुआ दलिया,कचौडी,उडद की ष्बड़ी,मूंग दाल बड़ी,सोया बड़ी, गुजराती पापड़,पंजाबी पापड़ चना मसाला सहित विभिनन प्रकार के पापड़ बनाए जाते है। पूजा सामग्री में धूप,अगरबत्ति, चंदन लकड़ी,चंदन का हार,चंदन का पाउडर तैयार करवाया जाता है। कोस्मेटिक में शैम्पू,साबुन, कपड़े धोने का साबुन,ऑनियन ऑयल,बादाम ऑयल,काली मेहंदी,ब्राउन मेहंदी जोकि बिना केमिकल की होती है सहित अनेक प्रकार के फिनायल,फर्श वॉस टायलेट सहित अनेक प्रकार के प्रोडेक्ट तैयार करवाए जाते है। इसके अलावा पेय पदार्थों में ग्रीन टी,लेमन टी,जूस,आवंला, एलोवेरा,गन्ने का सिरका,सेब का सिरका,जामुन का सिरका,च्यवनप्राश,दिर्घाप्राश, मधुसुदन आवंला,मुरब्बा सहित अनेक प्रकार के पदार्थ बनाए जाते है।