फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट 
फरीदाबाद: भारत में चांद नजर आने के बाद आज, 31 मार्च को पूरे देश में ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार रमजान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है और इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है।
इस्लामी हिजरी कैलेंडर के अनुसार, ईद-उल-फितर शव्वाल माह की पहली तारीख को मनाई जाती है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। चांद दिखने के बाद अगले दिन ईद का जश्न मनाया जाता है, जिसमें लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हैं और विशेष नमाज अदा की जाती है।
बल्लभगढ़ स्थित ऊंचा गांव जामा मस्जिद के इमाम मौलाना जमालुद्दीन ने कहा कि यह त्योहार मेलजोल और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने सभी से अपील की कि इसे प्रेम और सौहार्द के साथ मनाएं। इस बार रमजान के समापन के साथ ही नवरात्र भी चल रहे हैं, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिल रही है।
ओल्ड फरीदाबाद स्थित मरकज मस्जिद ईदगाह के मुफ्ती इकरार कासमी ने पूरे शहरवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और सभी से शांति और सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
शहर की प्रमुख मस्जिदों में ईद-उल-फितर की नमाज का समय:
ऊंचा गांव, बल्लभगढ़ जामा मस्जिद – सुबह 8:15 बजे
सेक्टर-62, आशियाना फ्लैट की मस्जिद – सुबह 8:30 बजे
सेक्टर-6, ईदगाह – सुबह 8:00 बजे
मदीना मस्जिद, सेक्टर-3 – सुबह 8:15 बजे
मैन बाजार, बल्लभगढ़ मस्जिद – सुबह 8:15 बजे
रजा मुस्तफा मस्जिद – सुबह 8:00 बजे
इमाम-ए-आजम मस्जिद – सुबह 8:30 बजे
ईद के इस खास मौके पर सभी मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी और लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाइयां देंगे।
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