मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। इस अभियान के तहत गुरुवार को मिर्जापुर जनपद की जय हिंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं की छात्रा निशा पाल को नगर पालिका परिषद अहरौरा में एक दिन के लिए अधिशासी अधिकारी (ईओ) का कार्यभार सौंपा गया।
छात्रा निशा पाल ने सुबह नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर ईओ का पदभार संभाला और वहाँ के प्रशासनिक कार्यों को बारीकी से समझा। उन्होंने नगर पालिका के दैनिक कार्यों, नागरिक समस्याओं के समाधान, और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
प्रशासनिक अनुभव से आत्मविश्वास में वृद्धि
निशा पाल ने विभागीय पत्रावलियों का अध्ययन करते हुए समझा कि किस प्रकार एक ईओ नगर के विकास कार्यों की निगरानी करती हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभासदों से मुलाकात की और उनसे नगर में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की।
नगर पालिका ईओ अमिता सिंह ने बताया कि इस तरह की पहल का उद्देश्य बालिकाओं को नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना है ताकि उनमें आत्मविश्वास का विकास हो और वे भविष्य में समाज के उच्च पदों पर कार्य करने की प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि “यह पहल बेटियों में यह विश्वास जगाती है कि वे भी किसी प्रशासनिक पद पर कार्य कर सकती हैं और समाज में परिवर्तन की अग्रदूत बन सकती हैं।”
नगर पालिका परिषद की संरचना के बारे में जानकारी देते हुए अमिता सिंह ने बताया कि नपा में एक अध्यक्ष, एक अधिशासी अधिकारी और कुल 25 सभासद कार्यरत हैं। नगर में होने वाले सभी विकास कार्य पहले बोर्ड बैठक में प्रस्तावित किए जाते हैं। प्रस्ताव पास होने के बाद ही कार्यों का क्रियान्वयन किया जाता है।
सभासदों और कर्मचारियों से की चर्चा
एक दिन की ईओ बनी छात्रा निशा पाल ने सभासदों से मुलाकात की जिनमें कुमार आनंद, आशीष अग्रहरि, मयंक जायसवाल, सलीम, इरशाद आलम, संजय जायसवाल आदि शामिल रहे। इसके अलावा नपा कर्मी बबलू, किशन, रीता सहित अन्य कर्मचारियों ने उनका सहयोग किया।
इस अवसर पर निशा पाल ने कहा कि “यह अनुभव मेरे लिए प्रेरणादायक रहा। मैंने सीखा कि प्रशासनिक पदों पर बैठने के लिए जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवा भावना कितनी महत्वपूर्ण होती है। मैं भविष्य में समाज की सेवा करना चाहती हूं।”
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और सुरक्षित बनाना है। इस अभियान के तहत शिक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
इस प्रतीकात्मक कदम के ज़रिए सरकार ने यह संदेश दिया है कि बेटियाँ भी प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता में किसी से कम नहीं हैं। निशा पाल जैसी छात्राओं को यह अवसर देना समाज में महिला सम्मान और समानता के प्रति एक सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करता है।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत इस तरह की पहलें न केवल युवतियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर करती हैं, बल्कि उन्हें यह एहसास भी कराती हैं कि वे स्वयं समाज में परिवर्तन की दिशा तय कर सकती हैं।