मीरजापुर से टीम आईबीएन न्यूज की रिपोर्ट
मीरजापुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ‘सोमेन बर्मा’ के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना मीरजापुर द्वारा राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (National Cyber Security Awareness Month – NCSAM) के अंतर्गत 17 अक्टूबर 2025 को कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत नारघाट और वासलीगंज बाजार में एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
साइबर अपराध से बचाव हेतु आमजन को किया गया जागरूक
कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं से सतर्क करना और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। इस दौरान साइबर क्राइम थाना मीरजापुर की टीम ने उपस्थित लोगों को बताया कि —
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साइबर अपराध क्या है और इसके मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं।
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ऑनलाइन ठगी, टेलीग्राम एप के माध्यम से धोखाधड़ी, UPI व वॉलेट फ्रॉड, तथा इंटरनेट बैंकिंग अपराधों से कैसे बचें।
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नई उभरती साइबर धोखाधड़ी जैसे डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest Scam) से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
साइबर शिकायत कैसे दर्ज करें — 1930 और Cybercrime.gov.in पर जानकारी
लोगों को बताया गया कि यदि कोई साइबर अपराध घटित हो जाए तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
साथ ही नागरिकों में साइबर सतर्कता बढ़ाने के लिए “क्या करें और क्या न करें” से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। इनमें पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी साझा न करना, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करना, और डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने जैसे बिंदु शामिल थे।
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इस जागरूकता कार्यक्रम में निम्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे –
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प्रभारी निरीक्षक (प्र0नि0) – रामअधार यादव, साइबर क्राइम थाना मीरजापुर
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उपनिरीक्षक – जयदीप सिंह
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आरक्षी – अनूप पटेल एवं अनू आनंद
इन अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे डिजिटल दुनिया में सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर तुरंत रिपोर्ट करें और दूसरों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक बनाएं।
जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी
साइबर क्राइम थाना की टीम ने बताया कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के स्वरूप भी बदल रहे हैं। इसलिए हर नागरिक को साइबर सुरक्षा के मूल नियमों का पालन करना चाहिए ताकि वह खुद को और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचा सके।