मीरजापुर, अहरौरा
रिपोर्ट: टीम IBN न्यूज़
मीरजापुर जनपद के अहरौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुली चौराहा पर शुक्रवार की रात लकड़ी की गुमटी दुकानों में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते तीन दुकानें जलकर राख हो गईं। दुकान में रखे अंडा, गुटखा, नमकीन व चखना सामग्री समेत एक सिलेंडर फटने से स्थिति और भी विकराल हो गई।
कैसे लगी आग?
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार रात लगभग 10:30 बजे महुली चौराहे पर बनी गुमटी दुकानों में अचानक आग लग गई। बताया जाता है कि एक दुकान में रखे सिलेंडर के फटने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और अगल-बगल की दो और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस और नागरिकों ने मिलकर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही कस्बा चौकी प्रभारी इंदुभूषण मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय नागरिकों के सहयोग से पुलिस ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
चश्मदीदों के अनुसार, यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो यह आग पास की अन्य दुकानों तक भी फैल सकती थी।
दुकानदारों की आपबीती
इस आग की चपेट में आने वाले दुकानदारों में शामिल हैं:
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विनोद सोनकर पुत्र प्यारे लाल, निवासी: पोखरा सहुवाईन
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सुभाष पटेल पुत्र दयाराम
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बबलू पटेल पुत्र दयाराम
तीनों दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने अपनी दुकानें रात्रि में करीब 10:30 बजे बंद की थीं और घर चले गए थे। पड़ोसियों से आग लगने की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर एक की दुकान में लगभग 20,000 रुपये का नुकसान हुआ है।
📉 नुकसान का आंकलन
आगजनी में जलकर राख हुए सामान में शामिल हैं:
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खाने-पीने का चखना सामान
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गुटखा, नमकीन, अंडा
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लकड़ी की पूरी गुमटी
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एक सिलेंडर फट गया
प्रत्येक दुकानदार ने लगभग 20-25 हजार रुपये के नुकसान का दावा किया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
चौकी प्रभारी इंदुभूषण मिश्रा ने कहा:
“स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया है। राहत यह रही कि किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ। सभी दुकानें लकड़ी की बनी थीं, इसलिए आग तेजी से फैली। आग का कारण सिलेंडर फटना माना जा रहा है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।”
सुझाव और अलर्ट:
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छोटे व्यापारियों को सुझाव दिया गया है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और गुमटी में सिलेंडर रखने से बचें।
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प्रशासन से आग पीड़ितों को राहत दिलाने की मांग उठ रही है।