मवई, अयोध्या।
ब्लॉक मवई के अंतर्गत ग्राम पंचायत रजनपुर स्थित शिक्षा भवन आज गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। वर्षों से खाली पड़ा यह भवन अब पूर्णतः जर्जर और खंडहर में तब्दील हो गया है। छतों में गहरी दरारें, दीवारों का झड़ना और चारों ओर उगी झाड़ियाँ इस भवन की दुर्दशा को साफ दर्शा रही हैं। यह हालात न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हैं, बल्कि गांव के भविष्य—बच्चों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हैं।
ग्राम प्रधान ने उठाई आवाज
ग्राम प्रधान अजीमुद्दीन खां ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए हाल ही में तहसील मुख्यालय में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। अपने पत्र में उन्होंने मांग की कि इस पुराने और खतरनाक भवन को गिराकर उसकी जगह एक नया, सुरक्षित शिक्षा भवन तैयार कराया जाए।
अजीमुद्दीन खां का कहना है कि,
“शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं पंचायत स्तर पर संचालित होती हैं, पर सुरक्षित भवन के अभाव में इनका क्रियान्वयन और समीक्षा बाधित होती है।”
हादसे की आशंका बनी हुई है
भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्राम प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वेक्षण कराकर नया भवन स्वीकृत कराने की अपील की है।
ग्रामीणों का समर्थन
गांव के अनेक बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने भी प्रधान की इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था चरमराई हुई है। रजनपुर गांव इसका जीवंत उदाहरण बन चुका है।
भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित
इस भवन में पंचायत स्तर पर शिक्षा, आंगनबाड़ी, महिला सशक्तिकरण, एवं ग्राम विकास से जुड़ी बैठकें होती थीं। भवन के जर्जर हो जाने के कारण अब इन सभी योजनाओं की समीक्षा और क्रियान्वयन अस्थायी रूप से रुका हुआ है। इससे ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से अपेक्षा
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से यह अपील की जा रही है कि जल्द से जल्द बजट स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण और भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा लेने को मजबूर होंगे।