मुदस्सिर हुसैन IBN NEWS
जून का महीना सूखा गुजर गया,जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी बारिश नहीं
इस वर्ष मानसूनी बारिश के बादल रूठे हुए हैं।इसे लेकर किसान काफी चिंतित हैं।जून का महीना सुखा गुजर गया जबकि जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी अभीतक बारिश नहीं हुई है।बारिश रिकॉर्ड के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 18 से 22 जून के मध्य मानसून की दस्तक शुरू हो जाती है लेकिन इस बार 6 जुलाई बीत जाने के बाद भी अभी दूर-दूर तक मानसून सक्रिय होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
बीते दो-तीन दिनों से पुरवाई हवा के साथ ही तेज उमस पड़ रही है जिससे लोग पसीने पसीने हो रहे हैं।बुधवार की शाम रुदौली क्षेत्र में आसमान पर बादल दिखाई दिए लेकिन थोड़ी देर बाद ही हवा बादलों को उड़ाकर ले गई।मौसम विज्ञानियों की मानें तो इस वर्ष अभी तक प्री मानसून भी सक्रिय नहीं हुआ है।28 जून के आसपास कुछ जगहों पर बारिश हुई थी जिससे अनुमान था कि मानसून जल्द ही सक्रिय हो जाएगा।
लेकिन ऐसा न होना चिंता का विषय है।किसानों ने ग्रामीण कहावत सुनाई तेरह कार्तिक,तीन आषाढ़।अर्थात रबी की बुवाई के लिए एक पखवाड़े का समय जबकि, खरीफ की फसल के लिए मात्र 3 से 5 दिन का समय उपयुक्त माना गया है।वह भी आषाढ़ के महीने में।किसानों ने बताया कि आषाढ़ का महीना खत्म होने में मात्र 5 दिन का समय शेष है।लेकिन बारिश न होने से खरीफ की फसलें नहीं बोयी जा सकी हैं।खेतों में धान की बेड़ सूख रही है जबकि मक्का और ज्वार की बुवाई भी लेट हो रही है।वही बारिश न होने से पेयजल की भी गंभीर समस्या है।पशु-पक्षी प्यास से बेहाल होकर इधर-उधर भटक रहे हैं।