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स्कूल खुलने के बाद बच्चो को संक्रमण से रखें सुरक्षित, शारीरिक एवं मानसिक विकास पर देना होगा ध्यान

 

ब्यूरो  रिपोर्ट ओमप्रकाश श्रीवास्तव IBN NEWS चंदौली

चंदौली : राज्य सरकार के निर्देश अनुसार हाल ही में जिले के छठवी,नौवीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई शुरू करने के लिए स्थानीय विद्यालय खोले जाने की अनुमति दी गयी है | जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि स्कूल खोले जाने के लिए स्कूल प्रबन्धक को केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रोटोकल के मानकों का कड़ाई से पालन करने के आदेश के साथ अनुमति दी गई हैं,संक्रमण से बचाव कद लिए किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी |

जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रिता रानी ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजेने के लिए अभिभावकों के मन का डर खत्म करना होगा | 24 मार्च 2020 से कोविड -19 की वजह से पिछले कई माह तक बच्चों ने घरों की चारदिवारी में बिताये हैं| ऐसे में लंबे समय बाद बच्चे घरों से बाहर निकाल रहे हैं | बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ सामूहिक पढ़ाई के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है | बच्चों को स्वच्छता की आदत बनाए रखने के लिए उन्हें स्कूल में भी साबुन से बार – बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जा रहा है | यह न सिर्फ कोविड 19 की वजह से नहीं बल्कि स्वच्छा शरीर और स्वच्छा मानसिक विकास के लिए| मास्क की उपयोगिता एवं महत्व के विषय में जानकारी दी जा रही हैं |

 


जिला मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिग्विजय सिंह ने बताया की लॉकडाउन के कारण बच्चों का अधिकांश समय अकेले रहने व लैपटॉप,ऑनलाइन क्लास, इंटरनेट ,टीबी, मोबाइल गेम के कारण मानसिकता में बदलाव आया है| लंबी अवधि तक ऑनलाइन पढ़ाई के कारण शारीरिक गतिविधियों और खेल कूद की कमी के कारण बच्चों में चिड़चिड़ा पन आना स्वाभाविक है| इस समय अभिभावकों एवं स्कूल प्रबन्धकों को शुरुआती दिनों में बच्चों को पहले से ज्यादा प्यार एवं भावनात्मक लगाव के साथ स्कूल जाने की आदत डालने के लिए प्रेरित करना चाहिए जिससे धीरे –धीरे बच्चे स्कूल के वातावरण में पुन:अपने को ढाल सकें | बच्चों की शारीरिक ऊर्जा को बनाए रखने लिए शारीरिक गतिविधियां,ड्राइंग, नाटकों आदि गतिविधियों में बच्चों को हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करना | इन गतिविधियों से उनका एकाकीपन दूर होगा व मानसिक विकास भी होगा| अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों के विचारों और भावनाओ के अनुरूप ही अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें |

 

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ आर बी शरण ने कहा कि लंबे समय के बाद स्कूल खोले जाने के बाद बच्चे घरों से बाहर निकल रहे हैं | बच्चों में स्वच्छता की आदत बनाए रखने के लिए जिले के स्कूलों व आँगनबाड़ी केन्द्रों पर जाकर बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा, परीक्षण एवं संक्रमण से बचाव के साथ ही साफ–सफाई एवं कोविड-19 से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है| स्कूल बस या सार्वजनिक ऑटो में बैठते समय दूरी का पालन,समय–समय पर सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा है | घर से बाहर मास्क लगाकर ही जाएँ व बाजार में किसी भी चीज को हाथ न लगाएं, स्कूल व बाजार में चेहरे से मास्क को न उतारें| सार्वजनिक स्थान पर किसी वस्तु को हाथ से न छूएँ।

 

बाहर रहते समय नाक मुंह के पास हाथ न ले जाने की जानकारी दें | पेन ,पैंसिल, बॉक्स को मुंह से न खोलें, घर से लाए पानी की बोतल का ही प्रयोग करें, अपनी बोतल न किसी को दें और न किसी का प्रयोग करें | खाना खाने से पहले अपने हाथों को साबुन से जरूर साफ करे |

 

डॉ शरण ने बताया कि प्रधानाचार्य व शिक्षकों को इस बात की जानकारी भी दी गई है कि कोविड-19 के प्रति अभिभावकों को भी जागरूक करें | स्कूल जाते समय बच्चों को साफ रुमाल अवश्य दें, बैग में एक मास्क अतिरिक्त रखें दे | प्रतिदिन उनके लंच बॉक्स व पानी के बोतल को साफ करें | पौष्टिक और ताजा खाना दें,बच्चों को ठंडा पानी न दें । स्कूल से आने के बाद बच्चों के हाथ पैर जरूर धोएँ। प्रतिदिन साफ ड्रेस पहनाएं | बच्चों को मास्क उपयोग की जानकारी दें जिससे बच्चे मास्क को बोझ नहीं उपयोग व जरूरत समझें और मुंह से बार-बार मास्क नीचे न करें |

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