टीम आईबीएन न्यूज
ब्यूरो रिपोर्ट
वाराणसी:एक तरफ सरकार जहां मजदूरों की पलायन को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रही है वही वाराणसी जिले के कुछ मजदूरों बंधक बनाकर उनसे जबरदस्ती काम कराया जाता है।
कुछ समुदाय में अभी भी जागरूकता की कमी और अशिक्षित होने की वजह से उनका ज्यादातर लोग करते हैं शोषण। युवा फाऊंडेशन के पहल पर अब तक सैकड़ो मजदूरों को बंधक मुक्त कराया गया।
जिसकी सूचना डीसीपी गोमती जॉन आकाश पटेल को भी दिया गया।
वाराणसी जिला के जंसा थाना अंतर्गत बरनी गांव के बहुत से मजदूरों को पैसों की लालच देकर महाराष्ट्र ले जाया गया वहां पर जाकर उनको परांदा जिले एक तालुका में गन्ने के खेतों के बीच उनसे जबरदस्ती काम कराया गया उनको पैसे भी नहीं दिया गया भूखे रखा गया महिलाओं के साथ अभद्रव्यवहार किया गया और जब घर जाने की बात करने लगे तो उनको जान से मारने की धमकी देते हुए उनके साथ काफी अत्याचार किया गया वहां पर ठेकेदारों द्वारा।
एक सामाजिक संस्था ने युवा फाउंडेशन से सहयोग मांगा जिसमें संस्था की अध्यक्ष सीमा चौधरी ने अन्ना हजारे कार्यालय से सहयोग लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और सप्ताह भर के कड़ी में मक्सद के बाद मजदूरों का लोकेशन का पता लगाते हुए वहां पर प्रशासनिक सहयोग से उनको मुक्त कराया।
सीमा चौधरी ने बताया कि अगर वहां पर प्रशासन मुझे सहयोग नहीं करती अन्ना हजारे कार्यालय से मुझे सहयोग नहीं मिलता तो शायद उनको मुक्त कराना असंभव था लेकिन उनके सहयोग द्वारा हम उनको मुक्त करने में सफल रहे आज वह परिवार अपने घर को लौट आया है लेकिन पैसे ना होने की वजह से भूखे प्यासे छोटे-छोटे बच्चों के साथ उन लोगों ने मुश्किल भरे कई दिन गुजारे और रोते बिलखते हुए वाराणसी पहुंचे।
आज युवा फाउंडेशन की टीम मौके पर पहुंचकर उनकी आपबीती को सुना, लोगों ने फाउंडेशन का धन्यवाद किया उनका मानना था कि हम पिंजरे में फंस गए थे और हमें आपने आजादी दिला दिया।
आज भी जागरूकता की कमी है निम्न लोगों के बीच क्योंकि वह प्रशासन से डरते हैं प्रशासन से सहयोग लेने से कतराते हैं।
जरूरत है ऐसे लोगों के बीच जाकर के जागरूकता फैलाने की उनकी सहायता करने की और प्रशासनिक तौर पर हम अनुरोध करना चाहेंगे कि प्रशासन करने में सहायता करें।
पूरे मामले में सीमा चौधरी अनिल कुमार प्रीति पटेल सलीम जावेद रूपा पटेल इत्यादि लोगों का योगदान रहा