मीरजापुर, अहरौरा।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सोमवार को अहरौरा बांध का निरीक्षण कर बांध के जलस्तर (Water Level) और उसकी क्षमता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से बांध की तकनीकी स्थिति, जल निकासी और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बांध का नक्शा देखकर उसकी संरचनात्मक स्थिति का अध्ययन भी किया।
जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित उप जिलाधिकारी (चुनार) राजेश वर्मा और एक्सियन सिंचाई विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि बांध की निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि यदि बांध का जलस्तर कम हो जाए तो फाटक (Gate) बंद कर दिया जाए, ताकि दोनों जनपदों के बीच आवागमन में कोई बाधा न हो।
किसानों को मुआवजा और आवास का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि बरसात से जिन गरीब किसानों की फसलें या मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका पूरा डेटा तैयार किया जाए।
जिनके मकान बारिश के कारण ढह गए हैं, उनके नाम मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में जोड़कर जल्द से जल्द आवास स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाए।
जलमग्न क्षेत्रों में राहत की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन इलाकों में बांध से छोड़े गए पानी के कारण जलमग्न स्थिति बनी हुई है, वहां स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल तुरंत पहुंचकर राहत व बचाव कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, दवा और आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फाटक से 190 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज
निरीक्षण के समय अहरौरा बांध के एक फाटक को 6 इंच खोलकर लगभग 190 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। जिलाधिकारी ने जिस फाटक में रिसाव (Leakage) की सूचना दी गई थी, उसे तुरंत बंद कर मरम्मत प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।