गाजीपुर। जनपद न्यायालय गाजीपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न्याय प्रणाली का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है, जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि लम्बे समय से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण भी संभव होता है।
लोक अदालत से विवाद का स्थायी समाधान
न्यायमूर्ति मनोहर नारायण ने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामले के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती है और इस प्रकार विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाएँ।
न्यायिक अधिकारियों की अपील
जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को लोक अदालत की सफलता के लिए अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने हेतु प्रेरित किया और सुलह-समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का आह्वान किया।
छोटे प्रकरणों में समाधान की भूमिका
नोडल अधिकारी शक्ति सिंह, अपर जिला जज ने बताया कि छोटे-छोटे प्रकरण जिनमें अनावश्यक मुकदमेबाजी चलती रहती है, लोक अदालत के जरिए सुलह कर सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित किया जा सकता है।
शिविर और सामाजिक पहल
लोक अदालत के अवसर पर—
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वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु शिविर लगाया गया।
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मेडिकल कैम्प आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे।
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बिजली बिल, गृहकर और जलकर संबंधी समस्याओं के निस्तारण हेतु पंडाल भी लगाए गए।
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दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और बैसाखियाँ वितरित की गईं।
अभूतपूर्व निस्तारण
विजय कुमार-पीटी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,33,502 मामले निस्तारण हेतु नियत किए गए थे, जिनमें से 1,22,952 मामले अंतिम रूप से निस्तारित किए गए।
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राजस्व विभाग के मामले : 14,122
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बैंक एवं अन्य विभागों के मामले : 1,08,830
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परिवार न्यायालय : 13 विवाहित जोड़ों का सुलह कर पुनर्मिलन कराया गया।
प्रमुख अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रूपेश रंजन, पी.ओ. एम.ए.सी.टी. संजय हरिशुक्का, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नूतन द्विवेदी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामयश यादव, सचिव ज्योत्सना श्रीवास्तव, विभिन्न तहसीलों एवं ग्राम न्यायालयों के पदाधिकारी, अधिवक्ता और वादकारी उपस्थित रहे।