टीम IBN NEWS
राकेश की रिपोर्ट
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सदर विकास खंड के ग्राम पंचायत रामपुर जगन में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मैनेजर यादव पर भ्रष्टाचार और लूट-खसोट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया है, जिससे गांव की स्थिति बदहाल हो चुकी है।
विधायक निधि में भी गोलमाल
गांव के राजस्व गांव सरायपीर मुहम्मद, जहां बाबा की मजार स्थित है, वहां स्थानीय विधायक बिरेंद्र यादव की निधि से एक स्वागत गेट का निर्माण किया गया। इस पर करीब 3 से 4 लाख रुपये की लागत आई। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य घटिया सामग्री से कराया गया। नतीजा यह रहा कि कुछ ही महीनों बाद गेट में दरारें पड़ गईं और ढहने की स्थिति बन गई।
मीडिया को धमकाने का आरोप
जब पत्रकारों ने इस मामले की जांच पड़ताल करने और प्रधान प्रतिनिधि मैनेजर यादव से बात करने की कोशिश की, तो उनके गुर्गों ने पत्रकारों को धमकाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मैनेजर यादव ने भ्रष्टाचार उजागर न हो, इसके लिए मीडिया पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई।
ग्रामीणों के आरोप
ग्रामवासी प्रदीप यादव और सुरेश यादव समेत कई लोगों ने बताया कि—
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गांव की नालियों को पाट दिया गया है, जिससे गंदा पानी मां काली मंदिर परिसर तक पहुंच रहा है।
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प्रधान सुषमा यादव कभी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखतीं, पूरा काम उनके पति मैनेजर यादव ही संभालते हैं।
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आवास योजना, दिव्यांग योजना और छात्र-छात्राओं के लाभ में भी गड़बड़ी की गई है।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते प्रधान
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान सुषमा यादव सिर्फ नाममात्र की प्रधान हैं और पर्दे के पीछे उनका सारा काम पति मैनेजर यादव करते हैं। जब इस विषय पर उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि “गेट गिरे या ढहे, हमें कोई लेना-देना नहीं। जांच जैसी चाहे करा लें, हम कार्यवाही का सामना करेंगे।”
जांच की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत पंचायत राज अधिकारी और स्थानीय विधायक से की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।