फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: सूरजकुंड गोल चक्कर पर हुई महापंचायत को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक ग्रामीणों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर गांव अनंगपुर की चौपाल पर बड़ी मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें अतर सिंह नेताजी की अध्यक्षता में पंचायत हुई।
जनप्रतिनिधियों से जवाब की मांग
पंचायत को संबोधित करते हुए विजय प्रताप ने कहा कि एक महीना बीतने के बाद भी सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि एक प्रतिनिधिमंडल दोबारा जनप्रतिनिधियों से मिलकर स्थिति की जानकारी ले। यदि किसी कॉमन स्थान पर जनप्रतिनिधि मिलने को तैयार हों, तो समिति भी बातचीत के लिए तैयार है।
पीएलपीए और भूमि विवाद का मुद्दा
विजय प्रताप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में आबादी को उजाड़ने की बात नहीं है, लेकिन अधिकारी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएलपीए (Punjab Land Preservation Act) अंग्रेजों के समय 1900 में भूमि संरक्षण के लिए बना था और इसकी अवधि 30 साल तय थी। अनंगपुर की 1467 एकड़ भूमि पर 1992 में 30 साल के लिए पीएलपीए लगाया गया था, जो 2022 में समाप्त हो चुका है, और इसे नवीनीकृत करने का कोई मामला नहीं है।
महापंचायत की मुख्य मांगें
महापंचायत में रखी गई प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
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टूटे हुए निर्माणों का मुआवजा दिया जाए।
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4500 एकड़ पहाड़ में से 2000 एकड़ पीएलपीए फॉरेस्ट को सौंपकर शेष 2500 एकड़ ग्रामीणों के उपयोग के लिए छोड़ा जाए।
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सरकार अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलवाए।
सरकार से आश्वासन लेकिन कार्रवाई नहीं
उन्होंने बताया कि महापंचायत के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मुलाकात हुई थी, जहां आश्वासन दिया गया था कि गरीबों के मकान नहीं तोड़े जाएंगे। लेकिन एक महीने बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
एतिहासिक गांव और सामाजिक योगदान
विजय प्रताप ने कहा कि अनंगपुर एक ऐतिहासिक गांव है, जिसने गुरुकुल को सैकड़ों एकड़ भूमि दान दी थी। 1960 से यहां फैक्ट्रियां भी संचालित हो रही हैं, लेकिन अब ग्रामीणों को उजाड़ने की तैयारी हो रही है।
शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अगले हफ्ते प्रतिनिधिमंडल जनप्रतिनिधियों से मिलकर पूछे कि एक महीना बीतने के बाद भी आश्वासन का क्या हुआ। यदि समाधान नहीं निकला, तो शांतिपूर्ण आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग
पंचायत में रणबीर चंदीला, रजिंद्र चपराना, रघबर भड़ाना (सरपंच पाली), जयहिंद नंबरदार, देवेंद्र भड़ाना (पूर्व मेयर), प्रेम कृष्ण आर्य पप्पी, जसबीर जस्सी (सरपंच), पप्पू सरपंच, ओम भड़ाना (पाली), हरिंदर भड़ाना (पार्षद), एडवोकेट कन्हैया, राजकुमार भड़ाना, पदम भड़ाना, अजयपाल सरपंच, सरदार उपकार सिंह, अनीश पाल, रोहताश बिधुड़ी, योगेश भड़ाना, सुशील भड़ाना, धरम भड़ाना, प्रेम सिंह ठेकेदार, तल्लू प्रधान, भगवत भड़ाना, चमन भड़ाना, महेंद्र भड़ाना, बाबू भड़ाना, हरि भड़ाना, दयाराम प्रधान, राजेंद्र नंबरदार, श्रीचंद भड़ाना, कालू तंवर सहित अनेक मौजिज लोग मौजूद रहे।