रिपोर्ट ब्यूरो
गोरखपुर। कोरोना के कहर के बीच लगातार ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे गोरखपुर के जल्द ही इससे उबरने की उम्मीद है। गीडा में बंद पड़े सबसे बड़े ऑक्सीजन प्लांट के तीन दिन में शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके शुरू हो जाने से रोजाना 1500 सिलेण्डर का और उत्पादन हो सकेगा। इससे गोरखपुर में ऑक्सीजन का संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा। अभी गोरखपुर की तीन इकाइयां 2600 सिलेण्डर रोजाना उत्पादन कर रही हैं जबकि रोजाना की डिमांड 3200 से 3300 है। ऐसे में चौथे प्लांट के शुरू हो जाने के बाद करीब 4100 सिलेण्डर रोजाना की आपूर्ति हो सकेगी। हालांकि बीते तीन दिनों से कुछ तकनीकी दिक्क्तों के चलते तीनों इकाइयां महज 1800 सिलेण्डर ऑक्सीजन का ही उत्पादन कर पा रही हैं। ऐसे में ऑक्सीजन को लेकर संकट बना हुआ है।इन सब के बीच सबसे अच्छी बात यह है कि गीडा सेक्टर-13 में बंद पड़ी शक्ति अन्न्पूर्णा ऑक्सीजन फैक्ट्री के संचालक पशुपति नाथ गुप्ता भी इकाई को चालू करने में लग गए हैं और सभी जरूरी संसाधनों को जुटा रहे हैं। फैक्ट्री का जायजा लेने के लिए एसडीएम सहजनवा सुरेश शनिवार को प्लांट पर पहुंचे और संचालक पशुपति नाथ गुप्ता से उत्पादन के सम्बंध में चर्चा की। एसडीएम सुरेश राय का कहना है कि मंगलवार से यहां ऑक्सीजन उत्पादन की पूरी संभावना है। प्रशासन की टीम पूरी तरह से संचालक की मदद में लगी है। बिजली आपूर्ति की दिक्कत दूर करा दी गई है और एनओसी भी मिल गई है। बस अब यहां इंजीनियर के पहुंचने की देर है। इंजीनियर के सोमवार तक पहुंच जाने की संभावना है। उसके आते ही यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा। शक्ति अन्नपूर्णा ऑक्सीजन गैस फैक्ट्री को शुरू कराने के लिए शनिवार को कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने प्लांट निरीक्षण किया। इसके साथ ही एडीएम, एक्सईएन, एसडीएम और सम्बंधित क्षेत्र के जेई भी मौजूद थे। यहां लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी करा दी गई हैं।