रिपोर्ट ब्यूरो
गोरखपुर। खजनी तहसील क्षेत्र के उनवल नगर पंचायत के टेकवार के झारखंडी महादेव शिव मंदिर परिसर में चल रही रामकथा के पाँचवे दिन अयोध्या से पधारे कथा व्यास आचार्य श्रीधर महाराज ने कथा प्रसंग में भगवान श्रीराम के प्रगट होते ही शंख की ध्वनि के साथ घङी- घंट बजने लगे और जय श्रीराम के जय घोष से पूरा मंदिर परिसर भक्ति मय हो गया ,सुप्रसिद्ध प्रख्यात वक्ता श्रीधर महराज ने मन सतरूपा के तपस्या और वरदान की व्यख्या विस्तार रूप से श्रोताओं को सुना कर मंत्र मुग्ध कर दिए ,वही अयोध्या के चक्रवर्ती राजा दशरथ चौथे पन
“भय गलानी मोरे सूत नही ” के बाद गुरु वशिष्ठ के पास गए और बताये की मेरा चौथा पन बीत गया एक पुत्र की कामना किये गुरु वशिष्ठ ने पुत्रेष्ठि यज्ञ की तैयारी किये और यज्ञ के सकुशल सम्पन्न होने के उपरांत राजा दशरथ को चार पुत्र पात्र हुए ,राम ,लक्षमङ, भरत , शत्रुघ्न प्राप्त हुये।उसके उपरांत भव्य आरती किया ।
उक्त अवसर पर अयोध्या से पधारे संत महन्थ रामप्रकाश दास जी महाराज श्री राम बैदेही मंदिर नया घाट श्री अयोध्या धाम,बाल योगी ब्रम्ह श्री हरिदास जी महाराज अयोध्या धाम,आचार्य अंजनी जी,महाराज राजेन्द्र दास, संत सहित
उमाशंकर निषाद,रामअशीष तिवारी (वसिष्ठ पत्रकार, मतेलु तिवारी,योगेंद्र पांडेय,हरिवंश सिंह,अभिमन्यु तिवारी, श्रीप्रकाश पांडेय,रामकवल तिवारी,सुरेंद्र शुक्ला,सुभाष तिवारी,डॉ धर्मराज राजभर,राजन तिवारी,स्याम जी तिवारी,स्वतन्त्र मिश्रा,रामअवध सिंह इत्यादि श्रोता मौजूद रहे।