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फरीदाबाद: सतलोक आश्रम में छह हत्या के लिए रामपाल, उसका बेटा व भांजा दोषी करार

सतलोक आश्रम में छह हत्या के लिए रामपाल, उसका बेटा व भांजा दोषी करार
26 अन्य अनुयायियों को भी कोर्ट ने दोषी माना, 16-17 को सजा सुनाई जाएगी
हिसार:हत्या बंधक बनाने और साजिश रचने के दो मामलों में कोर्ट ने सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल, उसके बेटे बिजेंद्र उर्फ वीरेंद्र व भांजे जोगेंद्र उर्फ बिल्लू सहित 29 को दोषी करार कर दिया है | दोषियों में महिला विंग की प्रमुख रही बबीता, उसकी बहन पूनम,मौसी सावित्री भी शामिल हैं | सजा पर फैसला 16 और 17 अक्टूबर को सुनाया जाएगा | तीन आरोपितों को अभी पकड़ा नही जा सका है | इनमें रामपाल की बेटी नीलम, रिश्तेदार राजबाला व संजय फौजी शामिल हैं | 2014 में रामपाल को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ | इसके बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए 18 नवंबर 2014 को बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के बाहर पहुंच गई | इस दौरान रामपाल समर्थकों व पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया | रामपाल ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए महिला अनुयायियों व बच्चों को ढाल बनाकर आश्रम के गेट पर बैठा दिया था | आश्रम खाली कराने के दौरान पुलिस को पांच महिलाओं व एक बच्चे का शव मिला था | पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को हत्या के दो मुकदमे दर्ज किए थे | हालांकि, अदालत में शिकायतकर्ता गाजियाबाद निवासी सुरेश और दिल्ली निवासी शिवपाल अपने बयान से मुकर गए थे | उनका कहना था कि छह मौतें रामपाल की वजह से नहीं, बल्कि पुलिस के बल प्रयोग के कारण हुई हैं |-पहला मामला: आश्रम में महिला की लाश 18 नवंबर 2014 को हिंसा के बीच एक महिला की लाश सतलोक आश्रम से बरामद की गई थी | उसकी संदिग्ध मौत के बाद आश्रम पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन उसकी मौत का कारण उस वक्त साफ नहीं था | पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उस लाश को आश्रम से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था |-दूसरा मामला: पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन उसके समर्थक पुलिस को आश्रम में दाखिल नहीं होने दे रहे थे और गोलियां बरसा रहे थे | हथगोले भी फेंक रहे थे |-फैसला,आश्रम में 2014 में पांच महिलाओं व एक बच्चे की हुई थी मौत, पुलिस से बचने को बच्चों व महिलाओं को बनाया था ढाल,रामपाल की बेटी नीलम, रिश्तेदार राजबाला व संजय फौजी को अभी नही पकड़ा जा सका है | देशद्रोह का मुकदमा बाकी,सतलोक आश्रम संचालक रामपाल पर सबसे बड़ा मुकदमा एआईआर नंबर-428 में देशद्रोह का है | इसमें रामपाल सहित 945 आरोपित बनाया गया था, जिनमें से दो मौत हो चुकी है | इसकी सुनवाई भी सेंट्रल जेल एक में चल रही है | एआईआर नंबर-443 में भी सुनवाई चल रही है |

रिपोर्ट बी. आर. मुराद ibn24x7news फरीदाबाद

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