फरीदाबाद | बी.आर. मुराद की रिपोर्ट – IBN NEWS
फरीदाबाद के थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र से संबंधित एक गंभीर अपराध में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
🧒 घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2024 को एक व्यक्ति ने थाना सराय ख्वाजा में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी बिना कुछ बताए घर से लापता हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और लड़की की तलाश शुरू की।
👮♀️ पुलिस की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, थाना सराय ख्वाजा की टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपी अमन कुमार, निवासी गोंडा समोरा, चंपारण (बिहार) को गिरफ्तार किया है।
🏫 स्कूल में हुई थी जान-पहचान
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह और नाबालिग एक ही स्कूल में पढ़ते थे, इसी दौरान उनकी जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे मैसेजिंग और बातचीत में बदल गई। इसी दौरान आरोपी ने लड़की को बातों में फंसाकर अपने साथ गांव ले गया, जहां उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
यह स्पष्ट रूप से POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के उल्लंघन का मामला है।
⚖️ आरोपी को भेजा गया जेल
गिरफ्तार किए गए आरोपी अमन कुमार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है और पीड़ित नाबालिग का मेडिकल परीक्षण व काउंसलिंग भी कराई गई है।
📢 प्रशासन और पुलिस की सख्ती
फरीदाबाद पुलिस ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि:
“नाबालिगों के खिलाफ कोई भी अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाना ही पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य है।”
❗ अभिभावकों से अपील
पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें, खासकर:
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मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग पर नियंत्रण
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स्कूल व कॉलेज मित्रताओं की सतर्क निगरानी
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अचानक व्यवहार परिवर्तन की पहचान
📌 कानून क्या कहता है?
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POCSO एक्ट 2012 के तहत किसी भी नाबालिग से सहमति या बिना सहमति के यौन संबंध अपराध है।
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IPC की धारा 363, 366A, 376 जैसे प्रावधान इस मामले में लागू किए गए हैं।