Breaking News
अनंगपुर महापंचायत को लेकर पूर्व मंत्री महेन्द्र प्रताप सिंह का संबोधन

महापंचायत सामाजिक कार्यक्रम है, कोई राजनैतिक मंच नहीं: महेन्द्र प्रताप सिंह

फरीदाबाद | बी.आर. मुराद की रिपोर्ट – IBN NEWS

फरीदाबाद में 13 जुलाई 2025, रविवार को सूरजकुण्ड पर आयोजित होने वाली “अनंगपुर बचाओ महापंचायत” को लेकर राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि एक जनहित में सामाजिक पहल है

🏡 10 हजार घरों पर मंडरा रहा है उजड़ने का खतरा

पूर्व मंत्री ने बताया कि गांव अनंगपुर, शिव दुर्गा विहार कॉलोनी और नेहरू कॉलोनी जैसे क्षेत्र जहां लाखों की आबादी 50 वर्ष से अधिक समय से बसी हुई है, आज वे तोड़फोड़ और बेदखली के नोटिसों के साये में जी रहे हैं। यह संकट वन क्षेत्र घोषित की गई जमीन को लेकर कानूनी और प्रशासनिक मिस हैंडलिंग का परिणाम है।

📜 क्या है पीएलपीए एक्ट और विवाद की जड़?

उन्होंने बताया कि:

  • वर्ष 1992 में हरियाणा सरकार ने 4500 एकड़ में से 1467 एकड़ भूमि को PLPA (Punjab Land Preservation Act) के अंतर्गत लाया गया था।

  • 3000 एकड़ जमीन को जनता के उपयोग के लिए छोड़ा गया।

  • 2022 में यह एक्ट समाप्त हो गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते कई जगहों पर अभी भी जमीन पर वन क्षेत्र के तहत कार्रवाई हो रही है, जो गैर-तथ्यात्मक है।

❗ “जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है जनता की रक्षा करना”

महेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जब 2014 में भूपेन्द्र हुड्डा सरकार में वे मंत्री थे, तो शिव दुर्गा विहार कॉलोनी को वैधता दी गई थी। आज इसे वन क्षेत्र घोषित कर गलत तथ्यों के आधार पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।

“सरकार ने यदि सुप्रीम कोर्ट में सही तथ्य रखे होते, तो आज लाखों लोग बेघर होने की कगार पर न होते।”

🌳 मुख्यमंत्री से अपील

पूर्व मंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा:

“आप खुद किसान, मजदूर और जमीन से जुड़े नेता हैं। मैं मांग करता हूँ कि आप इस गंभीर भूल को सुधारे, सुप्रीम कोर्ट में तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत करें, और जिन लोगों को उजाड़ा जा चुका है उन्हें मुआवजा व पुनर्वास दें।”

🧑‍🤝‍🧑 अनंगपुर संघर्ष समिति की अपील

अनंगपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अत्तर सिंह ने कहा कि:

“हमारा 1300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक गांव वन क्षेत्र के नाम पर उजाड़ा जा रहा है। हमारी पहचान, घर और आजीविका संकट में है।”

उन्होंने सर्व समाज, सभी बिरादरियों और संगठनों से आग्रह किया है कि वे 13 जुलाई को प्रात: 10 बजे सूरजकुंड गोल चक्कर पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय महापंचायत में भारी संख्या में पहुंचकर इस संघर्ष को मजबूती दें।

📌 महापंचायत का उद्देश्य

  • वन क्षेत्र कानूनों की गलत व्याख्या के खिलाफ जनसंकल्प

  • लाखों लोगों के घर, जीविका और अधिकारों की रक्षा

  • सरकार पर दबाव बनाना कि वह सही तथ्य सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करे

  • सामाजिक और कानूनी समर्थन की रणनीति बनाना

About IBN NEWS

At IBN24x7NEWS, we are dedicated to delivering accurate, unbiased, and timely news to our readers. Our goal is to provide fact-based journalism that keeps you informed about the latest developments across India and beyond.

Check Also

IMG 20260622 WA0015

अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक के खाते से whatsapp के माध्यम से साइबर ठगी की घटना से सम्बन्धित 31,640 रूपये को पीड़ित के खाते में कराया गया वापस

मीरजापुर। आवेदक प्रमोद कुमार सिंह पुत्र राम लोचन सिंह नि. जंगल महाल बरही थाना अहरौरा …