फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: गर्मी के मौसम में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राम चंद्र सोनी ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर घरों में सप्लाई हो रहा पानी दूषित है, तो इससे पेट संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं।
डॉ. सोनी के अनुसार, हाल ही में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में सामने आया है कि कई क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे पानी में क्लोरीन की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई है। जिससे यह पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बरतकर पीलिया, टाइफाइड, दस्त और पेट से जुड़ी अन्य संक्रमणजन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष लिए गए 500 जल सैंपलों में से 69 प्रतिशत नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, यानी इनमें पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
गर्मी में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
डॉ. सोनी ने बताया, “गर्मियों में जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि लोग बिना उबाले या बिना फिल्टर किए पानी का सेवन करते हैं, तो इससे गंभीर संक्रमण हो सकते हैं।” उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल का उपयोग करने में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
ये सावधानियां बरतना जरूरी
डॉ. राम चंद्र सोनी ने लोगों को सलाह दी कि:
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घर में आने वाले पानी को उबाल कर या प्रमाणित वॉटर प्यूरीफायर से फिल्टर कर ही पीएं।
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बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी के साथ साफ पानी उपलब्ध कराएं।
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नगर निगम व संबंधित विभाग समय-समय पर पानी की जांच करें और उसमें क्लोरीन की मात्रा संतुलित रखें।
डॉ. सोनी ने बताया कि दूषित जल का सेवन करने से पेट में कीड़े, बुखार, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए समय रहते सावधानी बरतना ही बेहतर है।