फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) ग्रेटर फरीदाबाद में एक भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करना और हास्य एवं व्यंग्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देना था।
अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश रघुवंशी बने आकर्षण का केंद्र
इस कवि सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि दिनेश रघुवंशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने भावनात्मक, हास्यपूर्ण और प्रेरणादायक मुक्तकों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खासकर उनकी मां पर लिखी गई कविता ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। उन्होंने कहा कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि समाज को जागरूक करने की प्रेरक शक्ति है।
कवियों ने हास्य और व्यंग्य से बांधा समां
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विनोद पाल ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को ठहाकों से सराबोर कर दिया।
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वेद प्रकाश वेद, जो हास्य और व्यंग्य के जाने-माने कवि हैं, ने सामाजिक समस्याओं को हास्य रस में पिरोकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
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दीपाली जैन जिया ने जीवन की सच्चाइयों को हास्य कविताओं के जरिए जीवंत कर दिया।
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खुशबू शर्मा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को हंसी और उमंग से भर दिया।
इनके अलावा विद्यालय के शिक्षक विकास महेश्वरी ने वियोग से संयोग तक की यात्रा पर आधारित अपनी कविता सुनाई। वहीं शिक्षिका ज्योति जैन ने गणित और जीवन को जोड़ते हुए अनोखा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
विद्यालय प्रबंधन का संदेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. बिंदु शर्मा ने कहा कि “हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं बल्कि हमारी पहचान, शान और सम्मान का प्रतीक है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद हर वर्ष हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर हिंदी को नमन करता है और छात्रों को भाषा से जुड़ने का अवसर देता है।
उन्होंने अतिथियों का स्वागत ईको-ग्रीटिंग पौधों के माध्यम से किया और छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
धन्यवाद और आभार
कार्यक्रम का समापन पारुल शर्मा की आभार प्रकट करने वाली कविता से हुआ। उन्होंने सभी कवियों और उपस्थित गणमान्य अतिथियों को धन्यवाद दिया।
हिंदी दिवस का महत्व
हिंदी दिवस पर आयोजित यह कवि सम्मेलन छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणादायक रहा। इस तरह के आयोजन न केवल हिंदी भाषा के गौरव को बढ़ाते हैं बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी मातृभाषा के महत्व से जोड़ते हैं।