देवरिया में NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी महिलाओं को लेकर जो ठगी का नया तरीका सामने आया है, उसका सार यह है कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैला रहे हैं कि बिहार सरकार की तरह अन्य राज्यों में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹15,000 की सरकारी सहायता दी जा रही है।
🚨 मुख्य बिंदु:
- ठग गिरोह गांवों में सक्रिय है और महिलाओं से नकली “फॉर्म” भरवाने के नाम पर पैसे वसूल रहा है।
- उन्हें बड़े लाभ का लालच देकर बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के रकम ली जा रही है।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी योजना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- असली सरकारी योजनाओं की जानकारी हमेशा ब्लॉक या जिला कार्यालय के माध्यम से आधिकारिक कैडरों (जैसे BPM या बैंक सखी) को दी जाती है।
👉 सावधानी के उपाय:
- किसी भी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों (ब्लॉक/जिला कार्यालय, सरकारी वेबसाइट, बैंक सखी) से ही लें।
- किसी भी व्यक्ति को नकद या शुल्क देकर “फॉर्म” भरने से बचें।
- यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।
यह घटना बताती है कि ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करना बेहद ज़रूरी है ताकि वे ठगी का शिकार न हों।