देवरिया: पुलिस अधीक्षक श्री विक्रान्त वीर के कुशल निर्देशन में जनपद के सभी थानों पर एक विशेष चौकीदार (ग्राम प्रहरी) बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए तथा चौकीदारों की भूमिका को प्रभावी बनाया जाए। इस बैठक में सभी थानाध्यक्षों व प्रभारी निरीक्षकों ने अपने-अपने थानों पर तैनात चौकीदारों के साथ संवाद स्थापित किया और उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका
बैठक के दौरान प्रभारी निरीक्षकों ने बताया कि चौकीदार गांवों में पुलिस की आंख और कान होते हैं। वे स्थानीय स्तर की गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों के आने-जाने, तथा अवैध शराब, जुआ, सट्टेबाजी जैसे मामलों की जानकारी रखते हैं। ऐसे में समय पर सूचनाएँ उपलब्ध कराकर वे अपराधों की रोकथाम में पुलिस को बहुत मदद कर सकते हैं।
सर्तकता और सुरक्षा के दिए निर्देश
विद्यमान त्योहारों और आगामी पर्वों को देखते हुए चौकीदारों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया। उन्हें हिदायत दी गई कि वे धार्मिक स्थलों, बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखें। इसके साथ ही यदि किसी गांव में आपसी विवाद, जमीनी झगड़ा या कोई भी अप्रिय स्थिति होती है, तो तुरंत थाने को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार जरूरी
चौकीदारों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे ग्रामीणों को पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1930 आदि की जानकारी देकर जागरूक करें। इसके जरिए नागरिक किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और आवश्यक संवेदनशीलता बरतने की बात कही गई।
चौकीदारों की समस्याओं का होगा समाधान
बैठक में चौकीदारों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। थानाध्यक्षों ने आश्वस्त किया कि उनकी वर्दी, साफा, साइकिल जैसे आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा पहले से ही प्रयास किए जा रहे हैं। चौकीदारों के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरित किया गया कि वे अपना कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें।
मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान और संयुक्त पैदल गश्त
बैठक के उपरांत बीट पुलिस अधिकारियों (BPOs) और चौकीदारों के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान कराया गया ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज हो सके। साथ ही पुलिस द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली पैदल गश्त (फूट पेट्रोलिंग) में चौकीदारों को शामिल किया गया और संयुक्त पैदल गश्त भी की गई।
कानून-व्यवस्था में जनसहभागिता से मजबूती
पुलिस अधीक्षक श्री विक्रान्त वीर ने कहा कि ग्राम स्तर पर चौकीदारों की सक्रिय भूमिका कानून-व्यवस्था की रीढ़ है। यदि चौकीदार समय रहते सूचनाएँ देते हैं, तो अपराधों की रोकथाम आसान हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और चौकीदारों के समन्वय से ग्रामीण इलाकों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण सुदृढ़ किया जा सकता है।