फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-49 फरीदाबाद ने माध्यमिक विज्ञान शिक्षकों के लिए एक गतिशील व तकनीकी रूप से उन्नत कार्यशाला “STEM DLD (Design, Learn, Demonstrate)” का आयोजन किया। यह कार्यशाला आधुनिक विज्ञान शिक्षण को एक नई दिशा देने की पहल के रूप में देखी जा रही है।
🎯 उद्देश्य: विज्ञान को व्यावहारिक व तकनीकी बनाना
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विज्ञान शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, शिक्षण सहायक सामग्री और इंटरैक्टिव प्रयोगों के माध्यम से छात्रों के लिए विज्ञान को अधिक रोचक और उपयोग आधारित बनाने के लिए सक्षम बनाना था।
👨🏫 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में 40 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला में सिमुलेशन, प्रश्नोत्तरी आधारित सीख, और अनुप्रयोग आधारित प्रयोग जैसे तकनीकी टूल्स का प्रयोग किया गया, जिससे जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल बनाया गया।
🏅 नवाचार की पहचान
कार्यशाला के दौरान कुल 16 अभिनव प्रोजेक्ट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनका मूल्यांकन डॉ. संजीव कुमार मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर, जाकिर हुसैन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) और डॉ. यमल गुप्ता (व्याख्याता, किरोड़ीमल कॉलेज) द्वारा किया गया।
इन विशेषज्ञों ने शीर्ष दो प्रोजेक्ट्स को विशेष मान्यता के लिए चयनित किया, जो शिक्षा में नवाचार और व्यावहारिकता के अद्वितीय उदाहरण थे।
🏫 प्रिंसिपल राजन गौतम का संबोधन
स्कूल के प्रधानाचार्य राजन गौतम ने कहा:
“ऐसी कार्यशालाएं शिक्षण को पारंपरिक तरीकों से निकालकर आधुनिक तकनीकी पद्धतियों की ओर ले जाती हैं। हमारा उद्देश्य ऐसी कक्षाएं बनाना है जहां जिज्ञासा और प्रयोगशीलता को बढ़ावा मिले।”
उन्होंने यह भी कहा कि थ्योरी और रियल वर्ल्ड एप्लिकेशन के बीच की खाई को पाटना आज के शिक्षा जगत की आवश्यकता है।
📍 कार्यशाला का समापन
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और विज्ञान शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। शिक्षकों को इस आयोजन से न केवल तकनीकी जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपनी कक्षाओं में नवाचार के साथ शिक्षा प्रदान करने की प्रेरणा भी मिली।