पितृ_दिवस_आयोजन बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
स्थान: फरीदाबाद
फरीदाबाद स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-49 में दिनांक 19 जुलाई 2025 को ‘पितृ दिवस’ को अत्यंत हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई और बच्चों ने अपने पिता के प्रति प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सभा और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजन गौतम ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सभी अभिभावकों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में बच्चों को माता-पिता विशेषकर पिता के त्याग, स्नेह और समर्पण को समझने की प्रेरणा दी।
राजन गौतम ने कहा,
“पितृ दिवस एक ऐसा अवसर है जब हम अपने पिता के उस अथक परिश्रम और मूक प्रेम को सम्मानित करते हैं जो वे हमारे लिए करते हैं। पिता बच्चों के लिए प्रेरणा, शक्ति और मार्गदर्शन का प्रतीक होते हैं।”
रंगारंग प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल
कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत, नृत्य, कविताएं और भावनात्मक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने मंच पर आकर अपने-अपने पिता के प्रति प्रेम और सम्मान को शब्दों, नृत्य और अभिनय के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “मेरे पापा सबसे प्यारे” गीत और “पापा के नाम खत” कविता ने उपस्थित अभिभावकों की आंखें नम कर दीं।
अभिभावकों का भावुक स्वागत
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रांगण में एक सांस्कृतिक और भावनात्मक ऊर्जा का वातावरण बन गया। अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट से नवाजा।
प्रधानाचार्य का विशेष संदेश
प्रधानाचार्य श्री राजन गौतम ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि,
“पिता वह व्यक्तित्व हैं जो अपने बच्चों की हर खुशी के लिए चुपचाप सब कुछ समर्पित कर देते हैं। पितृ दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें उनके त्याग और प्रेम को समझना और सम्मान देना चाहिए।”
धन्यवाद ज्ञापन व समापन
किंडरगार्टन की सुपरवाइजर श्रीमती मोनिका लूथरा ने कार्यक्रम के अंत में सभी अभिभावकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरे वातावरण में एक आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत हुआ।