रिपोर्ट ब्यूरो गोरखपुर
गोरखपुर। समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र गोरखपुर द्वारा आयोजित आज की
ई-परामर्श श्रंखला 160 में वक्ता के रूप में अपनी विशेषज्ञता देने के लिए डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक विशेष शिक्षा दृष्टिबाधित श्री आशीष कुमार गुप्ता ने बहुत ही सरल एवं सहज गतिविधियों को सम्मानित प्रतिभागियों के समक्ष साझा किया। उन्होंने कहा कि इस कोविड-19 महामारी के दौरान घर में रहते हुए ऐसे दिव्यांगजन जो पूर्णता दृष्टिहीन है अथवा अल्प दृष्टि धारक हैं वह घर पर रहते हुए गतिविधियों के द्वारा किस तरीके से ब्रेल को सीख सकते हैं, उसके बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बहुत सारी ऐसी गतिविधियों के बारे में भी चर्चा किया जो सह शिक्षण गतिविधियों के रूप में जानी जाती हैं। इस कार्यक्रम में सीआरसी गोरखपुर के सहायक प्राध्यापक नैदानिक मनोविज्ञान श्री राजेश कुमार ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन किरण के बारे में विस्तार से चर्चा की। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के निर्देशन में संपन्न हुआ। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में अभिभावकों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों को वक्ता के समक्ष रखने में श्री राजेश कुमार यादव पुनर्वास अधिकारी सीआरसी गोरखपुर ने अपना योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री नागेंद्र पांडे विशेष शिक्षक ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित प्रतिभागियों एवं वक्ता गण के प्रति धन्यवाद ज्ञापन श्री राजेश कुमार सहायक प्राध्यापक नैदानिक मनोविज्ञान विभाग ने किया। इस कार्यक्रम में श्रीमती संध्या सिंह व्यवसायिक अनुदेशक सीआरसी गोरखपुर ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।