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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं को दिया संदेश।

रिपोर्ट ब्यूरो

 

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से जान गंवाने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उन्हें संबल देने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हें संबल देने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में गुरुपूर्णिमा उत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो मनोबल बढ़ाएं, संबल प्रदान करें। ना कि हतोत्साहित करें, नकारात्मक सोच बनाएं। व्यक्ति हो या समाज हर एक को इस समय प्रोत्साहन की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत तमाम विपरित परिस्थितियों एवं आशंकाओं के बीच कोरोना महामारी का सामना करते हुए 136 करोड़ की आबादी का जीवन एवं जीविका दोनों बचा रहा है। कहा कि जिस अनुशासन का पालन भारत के सामान्य नागरिकों ने बीमारी के दौरान किया, वह अभिनंदनीय एवं वंदनीय है। सदी की सबसे बड़ी यह महामारी कोई वायरल फीवर नहीं है। इसने पूरी दुनिया को चपेट में ले लिया लेकिन अपने देश के नेतृत्व पर भरोसा कर नागरिकों ने कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन किया। भारत की आबादी की एक चौथाई आबादी अमेरिका की है, उनका हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी बेहतर है लेकिन वहां भारत से डेढ़ गुना मौते हो जाती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की समृद्ध सनातन परंपरा को हम विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के माध्यम से समझ सकते हैं। जो घटनाएं व्यापक परिवर्तन का कारक बनी समानत परम्परा में उसे किसी न किसी पर्व और त्योहार के रूप मान्यता मिली। ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा एवं आदर्श प्रस्तुत कर सके। ऐसे पर्व त्योहार को हम पीढ़ी दर पीढ़ी उमंग, उत्साह और सात्विकता के साथ धर्म पद का अनुसरण करते हुए मना रहे हैं। कहा कि पांच हजार वर्षो से हम गुरु पूर्णिमा का पर्व मना रहे हैँ। पांच हजार साल पहले भगवान वेद व्यास ने वेदों की रचना की। उनके जन्मदिन व्यास पूर्णिमा को हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते आ रहे हैं। यह पर्व हमें गुरु परम्परा और अपने गुरु जनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

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