मीरजापुर। आस्था का महापर्व छठ पूजा चार दिनों की धार्मिक विधि-विधान के बाद मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हो गया। महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में शांति की कामना के साथ यह कठोर व्रत पूरा किया।
सुबह सूर्योदय के साथ हुआ व्रत का समापन
छठ पूजा का अंतिम दिन ऊषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है।
मंगलवार प्रातः 6:30 बजे सूर्योदय के समय व्रती महिलाओं ने दूध और गंगा जल से सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही छठ व्रत का विधिवत समापन हुआ।
घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़
पोखरा सहुवाईन, अहरौरा बांध, दुर्गा जी मंदिर, मदारपुर, जिगना, दोहरी, बैरमपुर सहित सभी घाटों पर व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
बांस की टोकरी में ठेकुआ, फल, नारियल, दूध और सुप रखकर महिलाएं जल में खड़ी होकर सूर्य देव और छठी मैया का स्मरण कर रही थीं।
सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
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घाटों पर पुलिस बल की तैनाती
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ड्रोन कैमरे से निगरानी
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अधिक पानी वाले क्षेत्रों में नाव और गोताखोरों की तैनाती
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महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने की विशेष व्यवस्था
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लाइटिंग, पानी और पेयजल की व्यवस्था
नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी और थाना प्रभारी सदानंद सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पूरी निगरानी की गई।
2100 गुब्बारे छोड़ने की परंपरा जारी
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूर्व पालिका अध्यक्ष गुलाब मौर्या द्वारा 2100 गुब्बारे हवा में छोड़े गए, जिसने वातावरण को आस्था के रंगों से भर दिया।
सेवा और सहयोग कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जमालपुर खंड कार्यवाह के सहयोग से
शाम को बिस्कुट-चाय-पानी और
सुबह कचालू-हलवा-वितरण की व्यवस्था रही।
उपस्थित प्रमुख लोग
नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, पूर्व पालिका अध्यक्ष गुलाब मौर्य, जेई विकास कुमार, जेई दीपक यादव, सभासद आनंद कुमार, प्रमोद मौर्य, आशिष अग्रहरि, संजय पटेल, संजय जायसवाल, इरशाद आलम, मो सलीम, विकास, प्रभु, दुलारे, धीरज केशरी, हिमांशु केशरी सहित कई लोग उपस्थित रहे।