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दिल्ली के बॉर्डर पर नौ महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ अब अन्ना हजारे (Anna Hazare) भी दिखाई देंगे। किसान आंदोलन (Farmer Protest) में अन्ना हजारे को लाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसीलिए 12 सितंबर को अन्ना हजारे के गांव रालेगण में किसानों के आंदोलन को मजबूत करने और सबको एकजुट करने के लिए मीटिंग बुलाई गई है। टीम अन्ना हजारे की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य व भारतीय किसान यूनियन किसान सरकारके चौधरी भूपाल सिंह काकरान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अन्ना हजारे को रालेगण सिद्धि से निकालने और किसानों के हित में खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में राकेश टिकैत, गुरनाम चढूनी, बी एम सिंह, कृष्णपाल अम्बावत, जल पुरुष राजेन्द्र सिंह
सहित देश के सभी प्रमुख किसान संगठनों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इस पूरी कवायद में समाजसेवी कल्पना इनामदार की विशेष भूमिका है और किसानों ने अन्ना हजारे को आंदोलन के लिए राजी कर रालेगण सिद्धि से बाहर लाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। अब बैठक के बाद अन्ना हजारे की तरफ से औपचारिक घोषणा की उम्मीद की जा रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली के सिंघू, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन लंबे समय से जारी है। प्रदर्शनकारी यूनियनों के संयुक्त संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दावा किया है कि विभिन्न किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों, छात्र संगठनों, बार संघों, राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने ‘भारत बंद’ के उसके आह्वान का समर्थन किया।
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मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली के सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर करीब चार माह से डेरा डाले हुए हैं। ये किसान तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और इन्हें पूरी तरह से रद्द करने और अपनी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। अब तक, प्रदर्शनकारी यूनियनों और सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन गतिरोध जारी है क्योंकि दोनों पक्ष अपने अपने रुख पर कायम हैं।