रिपोर्ट: मनीष दवे, IBN NEWS
भीनमाल (राजस्थान):
बुधवार को माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी पर्व को अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस आयोजन ने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया, जहां समाज के हर वर्ग ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
🔱 पूजन और शोभायात्रा से हुई शुरुआत
समाज के युवा तहसील अध्यक्ष जितेंद्र मुहंता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिन की शुरुआत भगवान शिव (महेश) की पूजा-अर्चना से हुई।
इसके पश्चात समाज भवन से सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
➡️ शोभायात्रा मार्ग में आइसक्रीम व पेय पदार्थों की व्यवस्था भामाशाह नरेश कुमार फागोतरा द्वारा की गई।
🌟 आकर्षक झांकियों ने मोहा मन
शोभायात्रा में भगवान महेश, माता पार्वती और अन्य धार्मिक स्वरूपों की झांकियों ने सभी को मंत्रमुग्ध किया।
बच्चों द्वारा प्रस्तुत शिव-पार्वती के रूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
➡️ इन प्रतिभागियों को भामाशाह आनंद कुमार भूतड़ा ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
🍛 प्रसादी और सांस्कृतिक आयोजन
शोभायात्रा उपरांत समाज भवन में दोपहर और रात्रि को भंडारे व प्रसादी का आयोजन हुआ।
शाम को आयोजित सम्मान समारोह में भूतपूर्व तहसील अध्यक्ष सवाईसिंह मुहंता ने पुरस्कार वितरित किए।
👥 गणमान्यजनों की उपस्थिति ने बढ़ाया गौरव
इस अवसर पर समाज के अनेक प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
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भगवानदास राठी
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भोमराज केला
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ओमप्रकाश गिगल
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शंकरलाल राठी
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भगवानदास चांडक
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कमलेश भूतड़ा
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विनोद राठी
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महेश चांडक
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रमेश राठी
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भावेश भूतड़ा
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दिनेश भूतड़ा
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व अन्य सैकड़ों समाज बंधु
➡️ समाज की इस एकजुटता और सांस्कृतिक भावना ने एक प्रेरणादायक संदेश दिया कि परंपरा और संस्कृति ही किसी समाज की असली पहचान हैं।
🕉️ महेश नवमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
📅 महेश नवमी कब और क्यों मनाई जाती है?
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यह पर्व ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।
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यह भगवान शिव (महेश) और मां पार्वती को समर्पित होता है।
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मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति की थी, ताकि धर्म की स्थापना हो।
🪔 इस दिन के मुख्य आयोजन
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भगवान महेश और माता पार्वती की विशेष पूजा
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व्रत, भजन-कीर्तन, यज्ञ और शोभायात्रा
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सामाजिक एकता के उद्देश्य से सामूहिक भंडारा
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बच्चों, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से आयोजन