राष्ट्रीयलोकअदालतटीम आईबीएन न्यूज़
ब्यूरो रिपोर्ट
बलिया, 13 सितम्बर।
माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन बलिया के दीवानी न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री अनिल कुमार झा द्वारा दीप प्रज्वलित कर माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। संचालन अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री हरीश कुमार ने किया।
उद्घाटन समारोह में न्यायालय के समस्त पीठासीन अधिकारीगण, बैंक प्रबंधकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
🔹 लोक अदालत में हुआ वादों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों, राजस्व विभाग, उपभोक्ता फोरम, बैंक, दूरसंचार विभाग व विद्युत विभाग से जुड़े कुल 50,754 वादों का निस्तारण किया गया।
📌 महत्वपूर्ण आंकड़े:
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सिविल, फौजदारी, राजस्व एवं बैंक विवादों सहित कुल निस्तारित वाद: 50,754
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कुल समझौता धनराशि: ₹14,19,09,923/-
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मौके पर वसूल की गई नकद धनराशि: ₹3,48,93,015/-
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उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी राशि: ₹4,15,24,971.35/-
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बैंक प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण: 723 वाद, समझौता धनराशि ₹4,43,13,666/-
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण: 31 वाद, प्रतिकर राशि ₹1,86,50,000/-
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विद्युत विभाग: 24,362 वाद, समझौता धनराशि ₹27,61,793/-
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राजस्व विभाग: 22,265 वाद निस्तारित
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नगर पालिका परिषद बलिया: 15 वाद निस्तारित
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उपभोक्ता फोरम: 19 वाद, प्रतिकर राशि ₹72,14,255/-
🔹 न्यायालयवार मुख्य उपलब्धियां
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जनपद न्यायाधीश श्री अनिल कुमार झा: आर्बिट्रेशन 01, सिविल 02, समझौता राशि ₹1,38,617/-
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री शैलेश पाण्डेय: फौजदारी 1466 वाद, अर्थदण्ड ₹5,80,200/-
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सिविल जज (सी0डि0) श्री पराग यादव: सिविल 19 वाद, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र ₹3,69,58,074.35/-
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री गार्गी शर्मा: फौजदारी 238 वाद, अर्थदण्ड ₹41,190/-
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सिविल जज (जू0डि0) पूर्वी श्रीमती अरूणांजली सिंह: सिविल 23 वाद, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र ₹35,52,054/-
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ग्राम न्यायालय बैरिया (श्री विशाल शर्मा): फौजदारी 96 वाद, अर्थदण्ड ₹950/-
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ग्राम न्यायालय रसड़ा (श्री आशुतोष सिंह): फौजदारी 37 वाद, अर्थदण्ड ₹350/-
🔹 पारिवारिक न्यायालय
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अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, श्रीमती सरला दत्ता: कुल 48 वैवाहिक वादों का निस्तारण
🔹 लोक अदालत का महत्व
इस लोक अदालत के आयोजन से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण हुआ। वादकारियों को न केवल शीघ्र न्याय मिला बल्कि समय और धन दोनों की बचत भी हुई।