बलिया (उत्तर प्रदेश)। जिले के दोकटी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां 29 मई को ट्यूशन पढ़ने का कहकर घर से निकले तीन किशोरों के शव आज गंगा नदी से बरामद किए गए। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर गांव के रहने वाले तीन छात्र—विनय गोंड (14), संदीप गोंड (15) (दोनों निवासी सावनछपरा) और वसीम (15) (निवासी बेचनछपरा)—29 मई को अपने घर से ट्यूशन पढ़ने की बात कहकर निकले थे। लेकिन वे ट्यूशन न जाकर गंगा नदी की ओर नहाने चले गए।
गंगा में नहाते वक्त डूबे तीनों छात्र
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तीनों छात्र गंगा घाट पर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए और अचानक डूबने लगे। उन्हें डूबता देख आस-पास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन छात्रों का कुछ पता नहीं चल पाया।
खोजबीन के तीसरे दिन मिले शव
स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों द्वारा लगातार तीन दिनों तक तलाशी अभियान चलाया गया। आज 31 मई को गंगा नदी से तीनों छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों की पहचान परिवारजनों द्वारा की गई।
मौके पर पुलिस ने की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दोकटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
इलाके में शोक का माहौल
तीनों छात्रों की मौत की खबर से उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। गांव में मातम पसरा हुआ है। स्कूल व शिक्षकों में भी शोक की लहर है।
⚠️ प्रशासन व अभिभावकों के लिए चेतावनी
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने की कितनी आवश्यकता है। साथ ही, नदियों और जल स्रोतों के पास सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
⛔ बिना निगरानी नहाने जाना खतरनाक
नदी जैसे गहरे जल स्रोतों में बिना सुरक्षा और निगरानी के नहाने जाना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन को गंगा किनारे सुरक्षा बढ़ानी चाहिए और लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए।