नवजात बच्चों के घरों में दूध वितरण से लेकर नावों में लाइफ जैकेट तक की व्यवस्था के निर्देश
✍🏻 IBN NEWS डेस्क | बलिया
बलिया।
जिले में बढ़ते बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
बाढ़ क्षेत्रों में टीम तैनात करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीम बनाकर पशुओं के टीकाकरण और इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी ज़रूरत हो वहां भूसा का वितरण किया जाए और हर क्षेत्र में भूसे का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया जाए।
ग्राम पंचायतों में जनरेटर और चिकित्सा टीमें
डीएम ने सभी अधिकारियों को आदेश दिए कि हर ग्राम पंचायत पर जनरेटर की व्यवस्था की जाए, ताकि रात में रोशनी की व्यवस्था बनी रहे। सीएमओ को निर्देश दिए गए कि चिकित्सा विभाग की टीमें गठित कर नावों के माध्यम से भी दवा वितरण करें।
साथ ही, टीम के पास सांप और जहरीले जीवों के काटने की दवाएं, प्राथमिक उपचार की सामग्री और एम्बुलेंस की सुविधा हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।
नवजात बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांवों में सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां भी 6 माह से छोटे नवजात शिशु हों, वहां पर कम से कम डेढ़ लीटर दूध की आपूर्ति की जाए।
शुद्ध पेयजल और नावों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
बाढ़ प्रभावित इलाकों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ डीएम ने यह भी कहा कि जो नावें तैनात की गई हैं, उनमें लाइफ जैकेट होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में लोगों की जान की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
लगातार निरीक्षण और जनसंपर्क के आदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करते रहें और लोगों से संवाद करें कि उन्हें राहत सामग्री मिल रही है या नहीं। किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा:
“आपदा प्रबंधन केवल कार्यालय में बैठकर नहीं किया जा सकता, इसके लिए आपको जमीन पर उतरना होगा।”
कंट्रोल रूम नंबर सार्वजनिक करें
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी वे जाएं, वहां आपदा कंट्रोल रूम के नंबर जनता को बताएं।
कंट्रोल रूम नंबर इस प्रकार हैं:
📞 05498-220832, 220235
📱 मोबाइल: 9454417979
📞 टोल फ्री नंबर: 1077
इन नंबरों को हर प्रभावित परिवार तक पहुंचाने और उन्हें बताने का निर्देश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में इन पर संपर्क करें।
बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस बैठक में जिले के कई उच्चाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
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मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ओजस्वी राज
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अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
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एडीएम अनिल कुमार गुप्ता
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सीएमओ, डीडीओ, एनडीआरएफ टीम के अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण।