डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और अधीक्षक की लेटलतीफी पर जताई नाराजगी, सीएमओ से की गई शिकायत
मवई (अयोध्या)।
जनपद अयोध्या के मवई ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुनवा में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष शीतला प्रसाद शुक्ला ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां और अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान न तो अधिकांश डॉक्टर समय पर मौजूद थे और न ही सीएचसी अधीक्षक। डॉक्टरों के पहुंचने का समय सुबह 8 बजे निर्धारित है, लेकिन अधिकतर 11 बजे के बाद अस्पताल पहुंचते हैं। यही स्थिति अधीक्षक की भी पाई गई। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने मौके पर ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुशील बनियान को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की।
अधीक्षक का लंबे समय से एक ही सर्किल में जमे रहना बना सवाल
स्थानीय सूत्रों की मानें तो सीएचसी अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल बीते 15 वर्षों से लगातार रुदौली सर्किल में तैनात हैं। हर बार तबादला आदेश के बावजूद कुछ ही समय में वह वापस रुदौली सर्किल में लौट आते हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव की आशंका व्यक्त की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों की नियमित अनुपस्थिति, दवा की कमी और मरीजों के प्रति संवेदनहीनता के कारण उन्हें बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सरकारी मंशा को पलीता लगा रहे लचर प्रबंधन
योगी सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी सरकार की मंशा पर ही पानी फेरते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय निवासी अलीम, रामनरेश और शकुंतला देवी ने बताया कि अक्सर उन्हें सीएचसी में डॉक्टर नहीं मिलते। स्टाफ भी समय से नहीं आता और इलाज में लापरवाही बरती जाती है।
सीएमओ ने पहले हटाया था अधीक्षक, लेकिन फिर बहाल कैसे हो गए?
गौरतलब है कि जब सीएमओ डॉ. सुशील बनियान ने अयोध्या में कार्यभार संभाला था तो उन्होंने डॉ. मदन बरनवाल को सीएचसी अधीक्षक के पद से हटाकर नोडल अधिकारी बना दिया था। लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें फिर से सीएचसी सुनवा का अधीक्षक बना दिया गया। यह फैसला भी सवालों के घेरे में है।
जनता की मांग – हो निष्पक्ष जांच
नगर पंचायत अध्यक्ष शीतला प्रसाद शुक्ला ने कहा कि यह स्थिति जनहित के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सीएचसी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके।