फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद, हरियाणा:
फरीदाबाद जिले के अनंगपुर गांव में वन विभाग द्वारा की गई तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर बुधवार को भारी विरोध देखने को मिला। ग्रामीणों की भीड़ को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप सिंह ने कहा, “इतिहास में पहली बार हो रहा है कि गांवों को उजाड़ा जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में हरियाणा सरकार गांववासियों पर जुल्म कर रही है।
💬 “हमारे खून को पानी समझ लिया गया है” – विजय प्रताप
नेता ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल 40 साल पुराने मकानों को गिरा दिया गया। इससे पहले ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलकर अपना पक्ष रखा था, जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया था कि किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।
लेकिन अब वही मंत्री लोगों की पीड़ा के समय मौन हैं और कुछ नहीं कर पा रहे।
🏛️ सरकार की तुलना तालिबान से
विजय प्रताप सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई की तुलना तालिबानी शासन से करते हुए कहा कि जिस तरह से ग्रामीणों के घरों को ढहाया जा रहा है, वह लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही का प्रतीक है।
“यह सिर्फ अनंगपुर की नहीं, पूरे फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र की लड़ाई है। हमें एकजुट होकर इसका मुकाबला करना होगा।”
📢 जन आंदोलन की घोषणा
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गांव-गांव जाकर लोगों को एकत्र किया जाए।
इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो हर गांव में जाकर जन-जागरण करेगी और आवश्यकता पड़ने पर जन आंदोलन की शुरुआत होगी।
👥 हजारों ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
अनंगपुर चौक पर आयोजित इस विरोध सभा में हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोहतास बेदी, भारत अरोड़ा, वीरपाल चंदिला, रिंकू चंदिला सहित कई स्थानीय नेता और प्रभावशाली ग्रामीण मौजूद रहे।
🧱 वन विभाग की कार्रवाई पर कई सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने सुनवाई के बगैर और बिना पुनर्वास योजना के मकान गिरा दिए, जो मानवाधिकार और न्याय की मूल भावना के विरुद्ध है।
📷 मौके से कुछ दृश्य
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गांव में ध्वस्त मकानों के मलबे पर बैठे बुजुर्ग
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हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करती महिलाएं
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स्थानीय नेताओं का आक्रोशित भाषण
🗣️ ग्रामीणों की मांग:
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तोड़फोड़ पर तत्काल रोक
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पुनर्वास योजना की घोषणा
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उच्चस्तरीय जांच
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जनसुनवाई की व्यवस्था