बलिया, बांसडीह। जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद सिंह के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बांसडीह परिसर में संचालित अमृत फार्मेसी के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए उसे खाली करा दिया। स्वास्थ्य टीम की जांच में फार्मेसी का संचालन पूरी तरह अवैध पाया गया।
🔍 जांच में हुआ खुलासा
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव वर्मन के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय स्वास्थ्य जांच टीम ने जब अमृत फार्मेसी की जांच की तो कई अनियमितताएं सामने आईं। फार्मेसी न तो किसी पंजीकरण के अधीन थी और न ही संबंधित दस्तावेज वैध पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि फार्मेसी का संचालन प्रशासन की स्वीकृति के बिना हो रहा था।
🧾 संयुक्त टीम ने की कार्यवाही
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय यादव की अध्यक्षता में एक विशेष स्वास्थ्य टीम का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त उप जिलाधिकारी बांसडीह के निर्देशन में नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी की एक प्रशासनिक टीम भी गठित की गई।
दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर फार्मेसी को तत्काल प्रभाव से खाली कराया और परिसर को सील कर दिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए मौके पर पुलिस बल की भी तैनाती रही।
📌 DM और CMO के निर्देश पर सख्त एक्शन
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सा या फार्मेसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।
🛑 आगे होगी विधिक कार्यवाही
CMO कार्यालय द्वारा अब अमृत फार्मेसी के खिलाफ आवश्यक विधिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यदि फार्मेसी संचालक की ओर से दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।