बीगोद– बुधवार को त्रिवेणी संगम परिसर नदी सरोवर से सैकड़ो कावडिया सफेद धोती- कुर्ता , गले मे केसरिया दुपट्टा धारण कर ललाट चंदन तिलक लगाकर, भोलेनाथ की पूजा अर्चना अभिषेक कर, भोलेनाथ का जयकारे लगाते हुए सरोवर से 151 कावडिय़ा मे जलभर, दंड पर धारण तीन की कतार , डीजे , गाजे बाजे की धून पर पैदल चलते , चारभुजानाथ के जयकारे लगाते हुए त्रिवैणी संगम से रिको ऐरिया, पुलिस थाना, चमन चौराहे ,बसस्टैंड , नन्दराय चौराहा होते हुए किशन गढ पहुंची जहाँ रात्रि विश्राम किया जायेगा।
काविडया के भक्त जन झंडे, चारभुजानाथ की तस्वीर जो फूलों से सुशोजित, डीजे की धून पर नाचते -गाते आगे बढ रहे इस दौरान मार्गों व बीगोद बसस्टैंड पर हिन्दु समाज पुष्प वर्षा कर व काविडयो को दुपट्टा पहनाकर अल्पाहार व भोजन कराकर स्वागत सत्कार किया।
कावडिय़ा के नारायण प्रजापति ने बताया कि 16 वर्षा से कावडिय़ा निकलने पर कम्र निरवरत जारी। त्रिवैणी संगम तीन नदियों जल से जलझूलनी एकादशी के दिन कोटडी में भगवान चारभुजानाथ काविडया के जल से अभिषेक कर पूजा अर्चना करने के बाद दिन को भगवान ढोल – नगाड़े की धून पर विहार को निकलेगे।
( फोटो कैप्शन– त्रिवैणी संगम से मार्गो से निकलते कावडिय़ा
जगह-जगह पुष्प वर्षा का स्वागत करते)
फोटो प्रमोद कुमार गर्ग