फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:रामनवमी और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सूरजकुंड मार्ग स्थित श्री लक्ष्मी नारायण दिव्या धाम-सिद्धदाता आश्रम में भक्ति,आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सिद्धदाता आश्रम के अधिष्ठाता एवं रामानुज संप्रदाय की तीर्थ पीठ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा के पीठाधीश्वर अनंत विभूषित श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम का विधिवत अभिषेक कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। भगवान रामलला के जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया।
रामनवमी के उपलक्ष्य में आयोजित शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बैंड-बाजा और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। हाथी-घोड़ा पालकी की भव्यता और आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को दर्शाती झांकियां श्रद्धा और भक्ति का सजीव चित्र प्रस्तुत कर रही थीं।
‘जय श्रीराम’के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा और आश्रम परिसर पूरी तरह राममय हो गया। इस अवसर पर 500 से अधिक नारी शक्ति द्वारा निकली कलश यात्रा ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर बढ़-चढ़कर भाग लिया। भक्ति भाव से ओतप्रोत महिलाओं की सहभागिता ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।
भक्तों ने ‘राम चरित जे सुनत अघाहीं…के भाव के साथ भक्ति रस में डूबकर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया। हर ओर भजन,कीर्तन और जयघोष की गूंज सुनाई देती रही। स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं आचार्यों द्वारा देवी पुराण और श्रीमद्भागवत के मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया गया।
युवाचार्य स्वामी अनिरुद्ध आचार्य ने विश्व कल्याण की कामना से विशेष पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का समापन कराया। आश्रम के अधिष्ठाता एवं श्रीरामानुज संप्रदाय के पीठाधीश्वर अनंत विभूषित श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम का विधिवत अभिषेक कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक देवता नहीं,बल्कि आदर्श जीवन का मार्ग हैं। उनके चरित्र में मर्यादा,त्याग,सत्य और धर्म का जो संदेश है,वही मानव जीवन को सफल बनाता है। हम अपने जीवन में राम के आदर्शों को उतार लें,तो समाज में सद्भाव,शांति और धर्म की स्थापना संभव है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।