अयोध्या
बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के सहजपुर गांव में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि घर के अंदर मौजूद एक महिला और उसकी पांच बेटियां लपटों में घिर गईं।
बताया जा रहा है कि पीड़िता राधना (40 वर्ष) अपने घर में रोज़मर्रा का कार्य कर रही थीं, उसी दौरान अचानक आग लग गई। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गैस सिलेंडर से आग भड़की हो सकती है।
👮♀️ पुलिस और ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
घटना की सूचना मिलते ही बीकापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के लोगों ने भी मिलकर आग बुझाने में मदद की। लपटों के बीच फंसी राधना की 10 वर्षीय बेटी नैना, 8 वर्षीय वंदना, 6 वर्षीय श्वेता, 4 वर्षीय अर्चना, और डेढ़ वर्षीय दर्शना को किसी तरह बाहर निकाला गया।
पुलिस की सक्रियता और ग्रामीणों की तत्परता की वजह से सभी की जान बच सकी। सभी घायल बच्चियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
🏥 बच्चियों की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर
सीएचसी बीकापुर के चिकित्सकों के अनुसार नैना और वंदना को चेहरे और हाथों में जलन की शिकायत है। अन्य बच्चियों की भी हालत नाज़ुक लेकिन नियंत्रण में है। राधना भी आंशिक रूप से झुलस गई हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
🔍 जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से सबूत एकत्र किए जा रहे हैं और फॉरेंसिक टीम को भी सूचित किया गया है। प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज की आशंका जताई जा रही है।
🧯 प्रशासन से मदद की मांग
गांव वालों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। चूंकि घर का अधिकांश हिस्सा आग में जल चुका है, ऐसे में पीड़ित परिवार को तत्काल राहत की आवश्यकता है।