फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत फरीदाबाद नगर निगम द्वारा लाल डोरा/आबादी क्षेत्र की प्रॉपर्टियों के दस्तावेजों का डोर टू डोर सेल्फ सर्टिफिकेशन अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। इस कार्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।
सभी जोनों में हो रहा है दस्तावेज प्रमाणन कार्य
नगर निगम कमिश्नर ए. मोना श्रीनिवास के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय कर अधिकारियों ने अपने-अपने ज़ोन में घर-घर जाकर नागरिकों से उनकी प्रॉपर्टी संबंधित दस्तावेज सेल्फ सर्टिफाई करवा रहे हैं। इस मुहिम को विशेष रूप से गांव पल्ला, मच्छगर, सोतई, मुजेसर और तिलपत जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से लागू किया गया है।
ओल्ड ज़ोन-2 के अंतर्गत आने वाले गांव पल्ला के शिव मंदिर परिसर में विशेष शिविर लगाकर यह कार्य शुरू किया गया, वहीं बल्लभगढ़ और चंदावली ज़ोन में भी कर्मचारी स्थानीय निवासियों से संपर्क कर यह प्रक्रिया पूरी करवा रहे हैं।
10 वर्षों के दस्तावेज जरूरी
अतिरिक्त नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रक्रिया में प्रॉपर्टी मालिकों को यह साबित करना होगा कि वे पिछले 10 वर्षों से उस संपत्ति में निवास कर रहे हैं। इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को मान्य किया जाएगा:
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पिछले 10 वर्षों का बिजली का बिल
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पिछले 10 वर्षों का पानी का बिल
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कोई भी राजस्व अधिकारी द्वारा सत्यापित दस्तावेज, जिसमें स्वामित्व स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो
क्यों जरूरी है सेल्फ सर्टिफिकेशन?
यह प्रक्रिया नागरिकों को सरकार द्वारा शुरू की गई “लाल डोरा से बाहर मालिकाना हक” संबंधी योजनाओं का लाभ देने के लिए है। जिन प्रॉपर्टियों के पास दस्तावेज सत्यापित होंगे, उन्हें स्वामित्व प्रमाण पत्र (Ownership Certificate) मिल सकेगा।
नागरिकों की भागीदारी जरूरी
स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और नगर निगम के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें, ताकि वे समय रहते सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा कर सकें। उन्होंने बताया कि फील्ड टीमों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रमाणन कार्य को गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध पूरा करें।