मीरजापुर, 27 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीरजापुर में अष्टभुजा निरीक्षण गृह सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आगामी चैत्र नवरात्र मेला की तैयारियों और जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मंदिर दर्शन और कारीडोर निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी देवी का विधिवत मंत्रोच्चार के साथ दर्शन और पूजन किया। इसके बाद उन्होंने विंध्य कारीडोर का भ्रमण कर प्रगति कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चैत्र नवरात्र मेला की तैयारियां
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 29-30 मार्च 2025 से प्रारंभ हो रहे नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों पर गोताखोर, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात करने के भी निर्देश दिए।
विकास योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री ने मीरजापुर में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में स्वीकृत आवेदनों के सापेक्ष शत-प्रतिशत ऋण वितरण 31 मार्च 2025 तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के भी निर्देश दिए।
अनियमितताओं पर सख्त रुख
विधायक चुनार अनुराग सिंह द्वारा अधूरी सड़कों के भुगतान की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी या घटिया सामग्री के उपयोग पर संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भू-माफियाओं और गौ-तस्करी पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं, खनन माफियाओं और गौ-तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में गौ-तस्करी की घटना होती है, तो संबंधित थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सार्वजनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीरजापुर में आने वाले निवेशकों को प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराई जाए और दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने और पॉटरी उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।