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मिशन कदाचार: डीएम साहब 218 केन्द्र कुल 149174 छात्र लेकिन परीक्षा के विषय में प्रेस अथवा मीडिया को ब्रीफिंग क्यो नही?

 

राकेश की रिपोर्ट

 

गाजीपुर : जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की उपस्थिति में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली हाई स्कूल एंव इण्टरमीडिएट परीक्षा को नकल विहीन एवं सुचितापूर्ण सम्पन्न कराने के सम्बन्ध मे बैठक राजकीय बालिका इण्टर कालेज महुआबाग के सभागार मे सम्पन्न हुई। बैठक मे जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा 22 फरवरी, 2024 से प्रारम्भ होकर दिनांक 09 मार्च, 2024 तक संचालित होगी।

उन्होने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रेषित प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने, उन्हे पुलिस अभिरक्षा मे सुरक्षित स्थान पर सी0सी0टी0बी0 के निगरानी मे रखना, प्रश्नपत्रो को परीक्षा केन्द्रो पर डबल लाक वाले स्टील/लोहे की आलमारी मे रखा जाये। प्रश्नपत्रों को परीक्षा केन्द्र पर पहुचने पर डबल लाक की आलमारी मे जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की उपस्थिति मे परीक्षा केन्द्रो पर रखवाया जाय तथा डबल लाक वाली आलमारी मे पेपर सील से बंद किया जाय।

जिलाधिकारी ने नामित किये गये समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट/फ्लाईग स्क्वायर्ड टीम/समस्त केन्द्र व्यावस्थापक/वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक को दिनांक 22 फरवरी 2024 से दो पॉलियों में होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा को सकुशल एवं नकल विहीन सम्पन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होने बताया कि जनपद मे हाई स्कूल में 74313 एवं इण्टरमीडियएट में 74861 कुल 149174 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मलित होगें । परीक्षा हेतु 218 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है जिसमे 09 जोन, 10 सचल दल एवं 34 सेक्टरो , मे विभक्त किया गया है तथा सभी परीक्षा केन्द्रो पर 01-01 स्टेटिक मजिस्टेªट तैनात किये गये है जो अपनी पूरी निष्ठा एवं तन्मयता के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए परीक्षा को सम्पन्न कराने मे अपनी भूमिका निभाने के साथ जनपद मे नकल होने की परम्परा का तोड़ते हुए पूरी तत्परता के साथ कार्य करेगे।

उन्होने कहा कि मजिस्ट्रेट परीक्षा केन्द्र का उत्तरदायी होता है कही से चूॅक होने पर सारी जिम्मेदारी उसी की होती है इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा के प्रारम्भ से लेकर समाप्ति तक दोनो पॉलियों में पूरा प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिया जाये।

 

परीक्षा केन्द्रो पर नकल कितने तरीको की होती है, इस पर पैनी नजर रखी जाये, विद्यालय परिसर में एक से अधिक रास्ते होने पर उन्हे तत्काल सील करने का निर्देश दिया। परीक्षा केन्द्र के 100 मीटर की परिधि में कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति, असलहा किसी भी दशा में उपस्थित न रहें। परीक्षा केन्द्रो पर लाईट, जनरेटर, सीसीटीवी, डीजल, इण्टरनेट कार्ड, की उपलब्धता पूर्व में निरीक्षण कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समस्त उपजिलाधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा की समाप्ति के बाद एक घन्टे बाद तक परीक्षा केन्द्रो पर उत्तर पुस्तिकाओं के सील बंन्द/मोहर होने से लेकर निर्धारित स्थान पर जमा कराने तक पूरी चौकसी बरतेगे। फ्लाईंग स्क्वायर्ड टीम परीक्षा के प्रारम्भ से समाप्ति तक के समय तक चक्रमरण करती रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल पुलिस बल तथा बनाये गये कन्ट्रोल रूम को सूचित करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट के अतिरिक्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रश्नपत्रों के शील्ड बण्डल को राजकीय सिटी इ०का० गाजीपुर से स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्रव्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्रव्यवस्थापक द्वारासंयुक्त रूप से प्राप्त करना होगा, प्रश्न-पत्रों के बण्डल प्राप्त होते ही परीक्षार्थियों की कक्षावार एवं विषयवार संख्या के अनुसार प्रश्न पत्रों की संख्या का मिलान करना तथा आवश्यक्ता की स्थिति में अतिरिक्त प्रश्न-पत्रों की मांग निर्धारित प्रारूप पर दिया जायेगा। प्राप्त प्रश्न-पत्रों को केन्द्र पर स्थापित स्ट्रांग रूम में लोहे की अलमारी में सी०सी०टी०वी० के निगरानी में रखना एवं तीनों की उपस्थिति में सील किया जायेगा। स्ट्रांग के डबल लॉक आलमारी के एक लॉक की समस्त चाभी केन्द्रव्यवस्थापक के पास तथा दूसरे लाक की एक चाभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास तथा दूसरी चाभी वाह्य केन्द्रव्यवस्थापक के पास उपलब्ध रहेगी।

 

स्ट्रांग रूम, जिसमें डबल लॉक अलमारी रखी है को स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, वाह्य केन्द्रव्यवस्थापक की उपस्थिति में परीक्षा प्रारम्भ के 01 घण्टा पूर्व खोले जाने तथा परीक्षा समाप्ति के 01 घण्टा उपरान्त लॉक / सील किया जाय ।प्रत्येक बार परीक्षा के प्रयोजन से आलमारी खोलने के पश्चात् दोनों लॉक हस्ताक्षरित पेपर से सील किये जायें। स्ट्रॉग रूम में प्रवेश हेतु एक लॉग बुक/रजिस्टर रखा जाय जिसमें तिथि, समय एवं उद्देश्य सहित आने-जाने वाले अधिकारी/कर्मचारी का पूर्ण विवरण अंकित किया जाय ।जिस आलमारी को प्रश्नपत्रों हेतु डबल लॉक आलमारी बनाया गया है, उसमें प्रश्नपत्रों के अतिरिक्त कोई और सामग्री नहीं रखी जायेगी। परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र के प्रकटन की दशा में सम्बन्धित स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक उत्तरदायी होंगे।

 

समस्त परीक्षा केन्द्रों में एक अन्य सुरक्षित आलमारी की व्यवस्था होगी, जिसमें किसी भी पाली की परीक्षा में प्रथम बार प्रश्नपत्रों को निकालने के पश्चात् उपस्थित परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र वितरण के उपरान्त अवशेष प्रश्नपत्रों को तथा बण्डल स्लिप को सुरक्षित रूप से रखा जाय इस आलमारी को डबल लॉक आलमारी से उसी कक्ष (स्ट्रांग रूम) में कुछ दूरी पर रखा जाय। स्ट्रॉग रूम में किसी भी अधिकारी / कर्मचारी का मोबाइल फोन के साथ प्रवेश वर्जित होगा । झ परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा के दौरान वायस रिकार्डर युक्त सी०सी० टी०वी० कैमरा संचालित रहेगा तथा स्ट्रांग रूम 24 घण्टे सी०सी०टी०वी० कैमरे की निगरानी में रहेगा। प्रश्नपत्रों का लिफाफा परीक्षा प्रारम्भ होने के अधिकतम 15 मिनट पूर्व काटे जायें। लिफाफा काटने से पूर्व साक्षी के रूप में दो वाह्य शिक्षकों तथा एक आन्तरिक शिक्षक के हस्ताक्षर करायें जाये। साक्षी अध्यापकों के हस्ताक्षर बीजक पर भी कराये जाये। प्रश्नपत्रों के पैकेट काटने से पूर्व पैकेट पर अंकित विषय, प्रश्नपत्र तथा संकेतांक का मिलान गोपनीय स्कीम से गंभीरता पूर्वक कर लिया जाये तभी पैकेट खोला जाये । प्रश्नपत्र पूर्णतयः सी०सी०टी०वी० कैमरे के नजर में खोले जायेंगे।

 

हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट परीक्षा हेतु दैनन्दिनी अलग-अलग बनाई जाये तथा उस पर प्रविष्टि प्रतिदिन एवं प्रतिपाली स्पष्ट रूप से अंकित की जाये। कक्ष निरीक्षकों/परीक्षार्थियों के कक्ष से बाहर जाने का विवरण निर्धारित प्रारूप पर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाये। जिस विषय की परीक्षा हो उस विषय अध्यापक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में कदापि न लगाई जाये। परीक्षा समाप्ति के उपरान्त उत्तर पुस्तिकाओं की गिनती गंभीरता पूर्वक कराते हुए जमा कराई जाये। उत्तर पुस्तिका जमा होने के उपरान्त ही परीक्षार्थी/ कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा केन्द्र के बाहर जाने दिया जाये।

 

किसी भी दशा में केन्द्रव्यवस्थापक/ आंतरिक सचल दल/कक्ष निरीक्षक/सचल दल/निरीक्षण दल के पुरूष सदस्य द्वारा बालिकाओं की तलाशी नहीं की जाएगी। परीक्षार्थियों का सीटिंग प्लान अनुक्रमांक के आधार पर क्रमानुसार मिश्रित बनाया जाए और इसका किसी भी दशा में उल्लंघन न किया जाए। यदि इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई गयी तो इसके लिए केन्द्रव्यवस्थापक पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगे। केन्द्रव्यवस्थापक द्वारा सुनिश्चित किया जाये कि परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान शांतिपूर्वक परीक्षा दे रहे किसी भी परीक्षार्थी को अनावश्यक परेशान न किया जाए और न ही उनको किसी भी प्रकार से भयभीत किया जाए। परीक्षा केन्द्र में केन्द्रव्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक तथा अन्य सहायक कर्मियों तथा वास्तविक परीक्षार्थियों के अतिरिक्त अन्य किसी का भी प्रवेश निषिद्ध होगा। परीक्षा व्यवस्था में लगे हुए किसी भी कर्मचारी को लोकसेवक की परिधि में गिना गया है अतएव ऐसे लोकसेवक के प्रति किसी भी व्यक्ति द्वारा आपराधिक/धमकी भरा व्यवहार संज्ञान में आने पर प्रशासन द्वारा संबंधित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।

 

परीक्षा केन्द्र के अन्दर पुस्तकालय तथा प्रधानाचार्य कक्ष से संबंधित विषय की पुस्तकों को सीलबन्द करने के उपरान्त रखा जाये । यदि किसी कारण से शील्ड टूटी हुई पायी जाती है तो केन्द्र व्यवस्थापक/पर्यवेक्षक को अनुचित कार्यों में सहयोग प्रदान करने का दोषी मनाते हुए उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम 1998 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी। परीक्षा केन्द्र की सुरक्षा हेतु पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र का गेट किसी भी दशा में बन्द न किया जाये। परीक्षा के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी से उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक एवं उत्तर पुस्तिका क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित कराया जाये। अनुचित साधनों के प्रयोग में पकड़े गये परीक्षार्थियों का निस्तारण बोर्ड के नियमों के अन्तर्गत किया जायेगा। यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए या अनुचित साधन प्रयोग का प्रयास करते हुए पकड़ा जाये अथवा फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा जाये तो उसके विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 1998 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अवश्य पंजीकृत करायी जाए।ऐसे कक्ष निरीक्षक जिनके पाल्य एवं सम्बन्धी जिस परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा दे रहे हैं तो वे उस केन्द्र पर कक्ष निरीक्षक कार्य के पात्र नहीं होंगे।

 

ऐसे कक्ष निरीक्षक जिनके पाल्य एवं सम्बन्धी जिस परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा दे रहे हैं तो वे उस केन्द्र पर कक्ष निरीक्षक कार्य के पात्र नहीं होंगे। परीक्षा केन्द्रों पर प्रत्येक कमरे में 40 परीक्षार्थियों तक 02 कक्ष निरीक्षक तथा 41 से 60 परीक्षार्थियों तक 03 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएं। हाईस्कूल में प्रयुक्त होने वाली ओ०एम०आर० शीट के प्रयोग के सम्बन्ध में निर्देश पुस्तिका में उल्लिखित दिशा निर्देशों को कक्ष निरीक्षकों को भी अवगत कराते हुए पालन करायें । कक्ष निरीक्षक का दायित्व होगा कि इन निर्देशों से अवगत करा दें, जिससे ओ०एम०आर० शीट भरने में उनसे कोई त्रुटि न होने पाए। निर्धारित समयान्तर्गत परीक्षा की दोनो पालियों की लिखित उत्तरपुस्तिकाओं के बण्डल दिये गये निर्देशानुसार संकलन केन्द्र पर जमा, कर दिये जाएं। विलम्ब की स्थिति में केंन्द्रव्यवस्थापक पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगे।

डीएम आर्यका अखौरी ने कहा कि परीक्षा मे शामिल कोई भी क्या नही करना है यह जरूर दे ध्यान

बताया कि बालिका परीक्षार्थियों की पुरूष अध्यापक / कर्मचारी द्वारा तलाशी,गलत विषय, तिथि एवं पाली का प्रश्न-पत्र खोलना। विषय से सम्बन्धित अध्यापक से उनके विषय की परीक्षा में कक्ष निरीक्षक का कार्य लेना, परीक्षा ड्यूटी में लगे कार्मिकों तथा परीक्षार्थियों से अनुचित/अभद्र व्यवहार, परीक्षा अवधि में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों से इतर वाह्य व्यक्तियों का परीक्षा केन्द्र में प्रवेश एवं फोटोग्राफी,परीक्षा के विषय में प्रेस अथवा मीडिया को ब्रीफिंग,कक्ष निरीक्षकों द्वारा कार्य के समय मोबाईल फोन, कैलकूलेटर, अथवा ऐसे अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस रखना। उन्होने कहा कि परीक्षा को नकल विहीन सम्पन्न कराने में आप सहयोग करेंगे जिससे सिद्ध हो सके कि जनपद गाजीपुर जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन एवं स्वयं आपके सहयोग से सकुशल शुचितापूर्ण, शान्तिपूर्ण एवं नकल विहीन परीक्षा वर्ष 2024 सम्पन्न हो।

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