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बच्चों को सुधरने का मौका देना जरुरी- अपर पुलिस अधीक्षक

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महराजगंज
किशोर न्याय (बालकों की देखभाल व संरक्षण) अधिनियम 2015 व पाक्सो अधिनियम ,2012 पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन आज पुलिस लाइन सभागार मे किया गया।

IMG 20220427 WA0006जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का मूल तत्व है कि बच्चे के विकास में समाज का पूर्ण योगदान रहे ताकि वह देश का एक अच्छा नागरिक बन सके. यदि किसी बच्चे से किसी कारणवश कोई अपराध हो भी जाता है तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट उसे अपराधी मानने के बजाय एक मौका देकर समाज की मुख्य धारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित करता है।अपर पुलिस अधीक्षक निवेश कटियार, महराजगंज ने महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस एवं प्लान इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में बाल कल्याण पुलिस अधिकारीयों की प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही।इस प्रशिक्षण कार्यशाला में लखनऊ से आये रिसोर्स पर्सन एवं बाल अधिकार विषेशज्ञ महर्षि अग्निहोत्री ने प्रतिभागियों को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण ) अधिनियम 2015 और पॉक्सो अधिनियम 2012 के विभिन्न प्रावधानों से अवगत करवाया।प्रशिक्षण कार्यशाला से पूर्व सभी प्रतिभागियों को खेल के माध्यम से उनकी भूमिका एवं बच्चों द्वारा उनसे अपेक्षायें विषय पर रोचक क्रिया कलाप किये गए. प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों से पूछा की बचपन की कोई ऐसी गलती याद करें जो उन्हें आज भी याद है। फिर ये सोचे की यदि उस गलती को लेकर उनकी शिकायत की गयी होती तो आई पी सी कौन सी धारा उस गलती करने पर लागू होती. प्रशिक्षक श्री अग्निहोत्री ने कहा कि जिस प्रकार बचपन में कई बार हम अनजाने में या जान बूझकर कुछ गलतियाँ कर बैठते हैं, पर हमारे घर वाले कई बार हमें समझाकर फिर हमें वही गलती फिर से न करने के लिए कहते हैं. वैसे ही हमें बच्चे से अपराध हो जाने पर उसे एक मौका देना चाहिए. एक पुलिस अधिकारी के नाते भी हमें यह समझने की जरुरत है कि एक बच्चे ने वह अपराध कैसे कर दिया. उसके साथ भी अपने बच्चे के जैसे व्यव्हार करने की जरुरत है. जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में साफ़ कहा गया है कि विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए. ऐसे बच्चों को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करते समय , उनसे बयान लेते समय वर्दी में नहीं रहना है. बच्चे को हथकड़ी पहनाना पूर्णतः गलत है।इस कार्यशाला में जनपद के 19 बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, एवं महिला थाना अधिकारी एवं कांस्टेबल सहित कुल 60 लोग प्लान इंडिया के और प्रोजेक्ट कॉडिनेटर शैलेश कुमार शुक्ल, जिला समन्वयक रामायण जी मिश्रा आदि उपस्थित थे. प्लान इंडिया के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर शैलेश शुक्ल ने बताया कि प्रोटेक्ट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्लान इंडिया भारत नेपाल सीमावर्ती जिलों में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के साथ मिलकर मांड दुर्व्यापार रोकने के लिए महराजगंज के नौतनवा और निचलौल प्रखंड की 25 पंचायतों में सघन रूप से कार्य करने के साथ ही पुलिस एवं ससश्त्र सीमा बल की क्षमता वर्धन कार्यशालाओं का भी आयोजन कर रहा है।

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